बांसबाली माता मंदिर ढाबर,अगसौली पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस की शुरुआत महेश यादव संघर्षी अध्यक्ष सहकारी संघ लि.अगसौली, आयोजक रामप्रकाश यादव, शिक्षक अम्बरीष यादव, अशोक यादव प्रधान कचौरा, अवनीश कुमार ने आरती के साथ की।
इस अवसर पर कथावाचक पूज्य श्री पप्पू शास्त्री जी का साफा,राधा कृष्ण का छविचित्र, पटका से स्वागत किया।
कथावाचक पप्पू शास्त्री जी ने कहा कि भगवान अपने भक्तों के जीवन में प्रेम, भाईचारा व स्नेह का संचार करते है भगवान अपने भक्तों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करते, और उनके हर कार्य में प्रेम और करुणा निहित होती है।
कथावाचक पूज्य श्री पप्पू शास्त्री जी ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने गोकुलवासियों को इन्द्रदेव के क्रोध से बचाया था। इन्द्रदेव ने गोकुलवासियों पर मूसलाधार बारिश की थी, लेकिन भगवान कृष्ण ने अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर सभी को सुरक्षित किया। इस लीला से यह संदेश मिलता है कि भगवान अपनी शक्ति से किसी भी संकट से अपने भक्तों को उबार सकते हैं। गोवर्धन पूजा भगवान की शक्ति, उनकी कृपा और उनकी उपस्थिति का प्रतीक है।
व्यास पप्पू शास्त्री जी ने गोवर्धन पूजा के महत्व को समझाया, जिसमें भक्त भगवान श्री कृष्ण की पूजा करते हुए अपने जीवन में धर्म और सत्य की स्थापना की कामना करते हैं। भगवान श्री कृष्ण का जीवन केवल दिव्य लीलाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि वह प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में प्रेम, भक्ति और विश्वास की शक्ति को जागृत करने के लिए हैं। उनकी लीलाएँ हमें यह सिखाते हैं कि सच्ची भक्ति,श्रद्धा और समर्पण से ही हम भगवान के निकट पहुँच सकते हैं।
कथा में वेदराम सिंह पुजारी, राय सिंह यादव, महेन्द्र सिंह, शिशुपाल सिंह, आदित्य कुमार, हिमांशु यादव, शंकरपाल सिंह, मयंक कुमार, राकेश आधार, कप्तान सिंह बघेल, अनोज कुमार, बीकेश कुमार, रघुवीर सिंह, नत्थू सिंह गौड साहब, बौहरे करन सिंह, जगदीश यादव, चन्द्रकेश लोधी, कमलेश यादव, ध्यानपाल सिंह, गोपाल यादव, शिवम, सुभाष चन्द्र, मदनलाल, छोटू यादव कचौरा, ईश्वर चन्द्र, धर्मवीर सिह, सत्यप्रकाश मास्टर, अरविन्द यादव, नीरज यादव, अनोज कुमार, छिद्दू सिह बघेल आदि मौजूद थे।
@samachar24news

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें