आजादी का अमृत महोत्सव" के कार्यक्रमों की श्रंखला में"नेशनल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी अवेयरनेस मिशन के अंतर्गत एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन
"आजादी का अमृत महोत्सव" के कार्यक्रमों की श्रंखला में"नेशनल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी अवेयरनेस मिशन के अंतर्गत एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन
महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सिकन्दराराऊ में डीपीआईटी ,वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में "आजादी का अमृत महोत्सव" के कार्यक्रमों की श्रंखला में"नेशनल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी अवेयरनेस मिशन "(NIPAM)के अंतर्गत एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर शैफाली सुमन द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के माध्यम से हुआ। कु उज्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता 'पेटेंट और डिजाइन, नीपैम' के अधिकारी डॉ आलोक मिश्रा रहे जिन्होंने बहुत ही ज्ञानवर्धक एवं सारगर्भित उद्बोधन द्वारा छात्र छात्राओं को अध्ययन का उद्देश्य रचनात्मकता का विकास एवं नवाचार की खोज बताया। उन्होंने पेटेंट, ट्रेडमार्क, कापीराइट, डिजाइन आदि के माध्यम से ज्ञान को आर्थिक संपन्नता का आधार बनाने पर जोर दिया। उन्होंने रोजगार पाने के स्थान पर रोजगार देने वाले बनने की संस्कृति विकसित करने की बात कही।
प्राचार्या प्रो शैफाली सुमन ने उपस्थित छात्र-छात्राओं में नवाचारों के प्रोत्साहन पर जोर दिया । उन्होंने मुख्य वक्ता एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन कार्यशाला के सह समन्वयक डॉ जितेन्द्र परमार ने किया। उन्होंने बौद्धिक संपदा से भौतिक संपदा के निर्माण का मार्ग सुझाया।
कार्यशाला में प्रो राम बहादुर, प्रो विनीता, प्रो मंजु उपाध्याय, डॉ अजब सिंह एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।

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