ग्राम नगला गंगी का विकास गांव के लोगों की आपसी लड़ाई के बीच फंसा हुआ है गलियों में गंदगी का अम्बार लगा हुआ है बीमारी फैलने का डर बना हुआ है
ग्राम नगला गंगी का विकास गांव के लोगों की आपसी लड़ाई के बीच फंसा हुआ है गलियों में गंदगी का अम्बार लगा हुआ है बीमारी फैलने का डर बना हुआ है
क्षेत्र के ग्राम नगला गंगी के वासिंदे नर्क की जिन्दगी जीने को मजबूर है।गलियों में कीचड़ व बड़ी बड़ी घास खड़ी हुई है। जिससे अपने अपने घरों तक कुशलता पूर्वक पहुंचने में डरते है। ग्राम पंचायत मजरा जात सकीट क्षेत्र के ग्राम नगला गंगी के वाशिन्दे गदगी भरी जिंदगी जीने को मजबूर है। गलियों में जलभराव व कीचड़ भरी गन्दगी बुरी हुई है जिससे कीड़ा मकोड़ा व मच्छर पनप रहे है।जिससे गांव में कहीं कोई खतरनाक बीमारी न फेल जाए।इस बात का ग्राम वासियो को डर बना हुआ है। सरकार द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छता अभियान के आदेश हवा मे उड़ते नजर आ रहे है। गांव के लोगों की समस्या को देखते हुए ग्राम प्रधान द्वारा गलियों को पक्का कराने के लिए भरपूर प्रयास किया जा रहा है लेकिन गांव के कुछ लोग कार्य को नही होने दे रहे है। गांव के लोगो ने बताया कि ग्राम प्रधान द्वारा गलियों को पक्का करने के लिए स्वीकृति करा ली गई । जिसके लिए ठेकेदार की लेवर के लोग भी काम करने पहुंच गए लेकिन गांव के ही लोगों ने मजदूरों को काम नही करने दिया और उन्हें भगा दिया। पीड़ित लोगों का कहना है कि समस्या का समाधान नही हो सका तो जिलाधिकारी महोदय के समक्ष सभी लोग एक जुट होकर धरना प्रदर्शन करेंगे।
क्या है ग्राम वासियो की परेशानी
ऐवरन सिंह का कहना है कि हमारा घर बीच गांव में बना हुआ है।लेकिन घर तक पहुंचने में कीचड़ भरी गलियों से निकलना पड़ रहा है जिसके लिए प्रतिनिधियों से अनेको समस्या का निवारण कराने के।लिए कहा गया लेकिन गांव के ही लोग गांव का विकास नही होने दे रहे है।हम लोग कीचड़ भरी जिन्दगी जीने को मजबूर बने हुए है।
पन्ना लाल कहते है कि गलियों भरी हुई गन्दगी से ऐसा लगता है हम लोग गांव में ही नर्क भोग रहे है। इससे बड़ा नर्क कोई और नही हो सकता, कब इस नर्क भरी जिंदगी से छुटकारा मिल सकेगा,इसी सोच में डुवे हुए है। रात विरात गली में निकलते समय गिर भी जाते है। समझ नही आ रहा करे तो क्या करें
वीरेन्द्र सिंह का कहना है कि बच्चे स्कूल जाने से मना करते है। क्योंकि घर से निकलते ही कीचड़ भरी गली का सामना करना पड़ता है।स्कूल जाते भी है तो कीचड़ में घुसकर जाते है। जिससे बच्चों को फोड़ा ,फुंसी,आदि बीमारिया भी हो जाती है।तथा शाम होते ही गंदगी में पनप रहे मच्छरों के झुंड मंडराने लगते है।जिससे खाना खाते समय मच्छरों से परेशानी उठानी पड़ रही है।अब समझ नही आ रहा है करे तो क्या करे।
ग्राम प्रधान पति संजेश यादव का कहना है कि हमारे द्वारा लोगों की समस्या के लिए भरपूर प्रयास किया जा रहा है लेकिन गांव के लोग ही गलियों को नही बनने दे रहे है। शासन से गांव की सड़क बनवाने के लिए मंजूरी करा ली गई है।लेकिन गांव लोग पानी के निकास को लेकर गलियों को नही बनने दे रहे है। लोगों की समस्या का समाधान कराने के लिए जिलाधिकारी महोदय के समक्ष समस्या को रखा जाएगा जिससे गलियों को बनाया जा सके।




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