सकीट
प्रत्येक वर्ष 24 सितंबर को मीना दिवस मनाया जाता है। यूनिसेफ और सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत शुरू हुए इस कार्यक्रम को शिक्षा के प्रचार-प्रसार एवं सामाजिक कुरीतियों को दूर करने हेतु मनाया जाता है। रविवार होने के बावजूद भी नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत परीक्षा को उच्च प्राथमिक विद्यालय कायमपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय बाबली, प्राथमिक विद्यालय नगला श्रीकृष्ण, प्राथमिक विद्यालय कम्मापुर, प्राथमिक विद्यालय सबलपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय देवपुरा आदि विद्यालयों मे नवभारत साक्षरता कार्यक्रम किया गया इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय पीपलटोला में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रत्येक वर्ष यह कार्यक्रम विद्यालय में सहायक अध्यापक संजय सिंह के निर्देशन एवं सहयोग से मनाया जाता है। इस अवसर पर उन्होंने अवगत कराया कि इस वर्ष यह सुखद संयोग रहा कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा निरक्षरों को साक्षर बनाने के क्रम में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत परीक्षा का आयोजन भी रविवार को हुआ, जिसमें एकमात्र महिला ने प्रतिभाग किया जिनका नाम मीना है। साथ ही वह समाज में निरक्षर लोगों को ढूंढने में संलग्न रहेंगे, जिससे समाज का आख़िरी व्यक्ति भी साक्षर हो सके। मीना मंच की पॉवर एंजेल जैस्मीन ने उनको परीक्षा हेतु प्रपत्र दिया और परीक्षा में सफल होने की कामना की। प्रधानाध्यापिका प्रमिला जैन व सहायक अध्यापिका प्रियंका शर्मा द्वारा प्रश्नों को समझने में मीना का सहयोग किया गया। प्रधानाध्यापिका प्रमिला जैन ने कहा कि निरक्षरता देश के लिए अभिशाप है, जिसका दूर होना अति आवश्यक है।
मीना के परीक्षा देने के उपरांत मीना दिवस को मीना के जन्मदिन के रूप में मनाने के लिए पॉवर एंजेल जैस्मीन व मीना मंच के सदस्य बच्चों ने केक काटकर अपनी खुशियां जाहिर की। विद्यालय के मीना मंच के सदस्य बच्चों द्वारा तैयार किए गए स्लोगन को प्रदर्शित किया गया जो है- "मैंने लिया है प्रण, कोई न रहेगा अनपढ़।" पॉवर एंजेल ने भी अपने साथी सदस्यों के साथ शिक्षा हेतु जागरूकता फैलाने हेतु अपने समुदाय में कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर परी, अरचु, राधिका, हर्ष, आरोही, रचना, संध्या, राधा, गगन, निशा आदि बच्चे मौजूद रहे।
वही जिला समन्यवयक संजय मिश्रा ने बताया कि “मीना 9 वर्ष की एक लड़की है जो यूनिसेफ की परिकल्पना है। जो उमंग और उत्साह से भरी हुयी कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाती है। दूसरों की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील है। परिवारीजनों, मि
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें