मारपीट में घायल गर्भवती महिला की दो माह बाद उपचार के दौरान मौत होने से आक्रोशित परिजन भड़क उठे और शव को वैन में लेकर कोतवाली पर आ गये और उन्होंने आरोपितों के खिलाफ हत्या का अभियोग दर्ज करके उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए जीटी रोड पर प्रदर्शन किया। सैकड़ों की भीड़ के चलते पुलिस सक्रिय हो गई और तुरंत बल प्रयोग करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए हाथरस भेज दिया।
6 जुलाई को कोतवाली क्षेत्र के गांव नारई में एक पक्ष ने घर में घुसकर मारपीट की थी। इसमें गर्भवती पूनम 24 बर्ष पत्नी विकास दिवाकर गंभीर घायल हो गई थी। जिसकी रिपोर्ट बघेल समाज के लोगों के लोगों के खिलाफ कोतवाली में दर्ज कराई थी। उसके बाद गंभीर रूप से घायल पूनम का परिजनों द्वारा उपचार कराया गया। लेकिन कोई फायदा नहीं मिलने पर परिजन गुरु तेग बहादुर अस्पताल दिल्ली ले गए। जहां दो माह बाद वुधवार को उपचार के दौरान पूनम की मौत हो गयी। पूनम की मौत के बाद परिजन शव को वैन में रखकर कोतवाली आ गये। और मायके तथा ससुराल पक्ष के सैकड़ों आक्रोशित महिला पुरुषों ने वैन को जीटी रोड पर खड़ी करके आरोपितों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रदर्शन किया जिसके चलते जाम के हालात बन गये। उसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेजा।
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