ग्राम निहालपुर अगसौली में कथावाचक पूज्य श्री मंजेश शास्त्री जी के मुखारबिन्दु से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस की शुरुआत आयोजक श्यामबाबू, संतवीर यादव, गुडडू यादव, भूरे यादव, डा.सुरेश यादव व महेश यादव संघर्षी अध्यक्ष सहकारी संघ लिमिटेड अगसौली, टीटू यादव, पिंकू यादव, विनीता यादव, कुलदीप, अंकित कुमार ने आरती के साथ की।
तृतीय दिवस की कथा में पूज्य मंजेश शास्त्री जी ने कहा कि मनुष्य के जीवन में सुख और दुःख लगा रहता है। जैसे दिन के पीछे रात और वैसे तो मनुष्य का सच्चा मित्र अगर कोई है तो वो दुःख है क्यों कि दुःख में ही भगवान का सच्चा भजन होता है। पौराणिक मान्यताओं के आधार पर जब भगवान श्री कृष्ण महाभारत के युद्ध में पांडवों को विजय कराने के बाद जब द्वारिका के लिए जाने लगे तब उनकी बुआ कुन्ती सामने आकर रोने लगी। श्री कृष्ण ने कहा बुआ कुछ मांगना हो तो मांगो आप क्यों रो रही हो । आप मांगेगी मैं वही दूंगा तब माता कुन्ती ने कृष्ण से वरदान में दुःख मांगा था तब श्री कृष्ण ने कहा बुआ सारी जिंदगी दुःख में व्यतीत हो गई फिर भी दुःख क्यों मांगा तब कुन्ती ने जवाब दिया कृष्ण जब तक मेरे ऊपर दुःख था तब तक तुम मेरे पास रहे जैसे ही राज्य का सुख आया वैसे ही तुम छोड़ कर चल दिए । इस लिए मुझे सुख की कोई जरूरत नहीं है। कहने का तात्पर्य है कि दुःख में मनुष्य भगवान को याद करता रहता है जब तुम भगवान को याद करोगे तो भगवान तुम पर दया करेंगे। मंजेश शास्त्री जी ने बताया कि परीक्षित जी का जन्म कैसे हुआ।
भागवत कथा में महेश यादव संघर्षी अध्यक्ष सहकारी संघ अगसौली, रामबाबू यादव, अखिलेश शास्त्री, रिंकू यादव, पिंटू यादव, राजू दूधिया, वीरपाल सिंह, विनीता यादव, रवि यादव, रघुवीर सिंह, श्रीपाल सिंह,महेन्द्र सिंह,नत्थू सिंह,धर्मेन्द्र कुमार,प्रेम सिंह,प्रदीप यादव,सोमेश यादव,विनोद कुमार,उपदेश कुमार,अनिल कुमार,आकाश कुमार,अतुल कुमार,अजय,विजय कुमार,गौरव यादव,प्रतीक यादव,आकाश,पंकज यादव आदि मौजूद थे।
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