कस्बे में आज शरद पूर्णिमा के दिन सिंचावली रोड स्थित खाली मैदान में राम - रावण के युद्ध के बाद रावण का पुतला जलाया गया। श्रीराम के अग्निवाण छोड़ते ही बुराई के प्रतीक ये पुतले धू धू कर जल उठे। पुतला दहन स्थल पर भरी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। मौके पर एसडीम सीओ जे. एन. अस्थाना कोतवाली इंचार्ज विजय कुमार कस्बा चौकी इंचार्ज अरविंद कुमार और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। रावण के पुतला दहन और मेले को देखने के लिया काफी संख्या में भीड़ देखी गई। सिंचावली रोड को एक तरफ से बंद कर दिया गया। पंद्रह दिनों तक चले श्रीराम लीला महोत्सव के समापन के बाद यह पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। शाम करीब 8 बजे श्रीराम और रावण के बीच युद्ध का भव्य नजारा देखने को मिला। युद्ध के बाद श्री राम ने रावण पर अग्नि वाण छोड़ा,जिसके साथ ही रावण का पुतला जल उठा।पुतले में काफी देर तक आतिशबाजी के रूप में विस्फोट होते रहे और तेज धमाके सुनाए दिए। बुराई के प्रतीक रावण का अंत करने के बाद माता सीता को लेकर निकले श्रीराम,लक्ष्मण और हनुमान जी के स्वरूपो का कस्बे में भव्य स्वागत किया गया। कस्बे की रामलीला कमेटी ने श्रीराम, लक्ष्मण,जानकी और हनुमान की आरती की।इसके बाद रामलीला मैदान में कई लोगों ने आरती उतरी।
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