वर अमावस्या के पावन पर्व पर महिलाओं ने पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ बरगद के वृक्ष की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर सुबह से ही बरगद के वृक्ष के नीचे महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज -धज कर पूजा अर्चना करती नजर आईं।
महिलाओं ने बरगद के वृक्ष की पूजा कर कच्चा सूत लपेटा, दीपक जलाया और पुष्प, चावल, जल एवं गुड़ अर्पित किया। मान्यता है कि वर अमावस्या के दिन बट के वृक्ष की पूजा करने से पितरों को शांति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
इस अवसर पर महिलाओं ने एक-दूसरे को पूजन के बाद सुहाग की सामग्री भेंट की और पारंपरिक गीतों का गायन कर पर्व को और भी पावन बना दिया। पर्व के महत्व को बताते हुए स्थानीय महिलाओं ने कहा कि वर अमावस्या का दिन पितरों की तृप्ति और परिवार की उन्नति के लिए अति शुभ माना गया है। बरगद के वृक्ष में त्रिदेवों का वास होता है, अतः इसका पूजन विशेष फलदायी होता है।
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