एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स द्वारा मोदी सरकार के साहसिक निर्णय और सेना के पराक्रम पर मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।
सभी राष्ट्र भक्तों ने कहा कि हिंद की सेना ने एक बार फिर पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने का जो पराक्रम किया है इससे प्रत्येक भारतवासी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है जो पाकिस्तान अपने आतंकी आकाओं के बल पर बड़ी-बड़ी डींगें हाकता था उन्हीं आकाओं के पाकिस्तान के अंदर बने आतंकी ठिकानों को भारतीय सेना ने अपने शौर्य और पराक्रम से नेस्तनाबूद कर दिया है। आतंक के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर सेना और मोदी सरकार का यह पराक्रम इतिहास के पन्नों में याद रखा जाएगा। ऐसी देश की सरकार होती है तो सेना भी अपने पराक्रम से दुश्मनों को तबाह कर देती है। यही बात आज भारत का प्रत्येक नागरिक कह रहा है कि सरकार और हिंद की सेना को हम सलाम करते हैं जो आक्रोश पहलगाम जिहादी हमले के बाद देश के अंदर पनप रहा था आज उस आक्रोश पर मरहम का काम भारतीय सेना ने किया है । भारत के राष्ट्रभक्त लोग यह चाहते हैं कि एक बार आतंकवाद को जड़ मूल से नष्ट करने के लिए पाकिस्तान को नेस्तनाबूद कर दिया जाए। यही अंजाम पाकिस्तान का होना है। विश्व समुदाय को भी इस आतंकी गढ़ पाकिस्तान को समाप्त करने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए। अगर विश्व समुदाय कुछ नहीं करता है तो भारत की सेना इतनी सक्षम है कि इस आतंकी पाकिस्तान को पल भर में धूल चटकार जमीन में मिला देगी।
हाथरस वासियों ने सेना के पराक्रम पर आज खुशी का इजहार करते हुए हिंदुस्तान जिंदाबाद,भारत माता की जय, और सेना के पराक्रम की जय जयकार करते हुए मिठाई बांटकर कर अपनी खुशी का इजहार किया।
मध्य रात्रि भारत ने फिर एक बार दुनिया को दिखा दिया कि जब बात देश की सुरक्षा की होती है, तो भारत न तो झुकता है, न रुकता है – वह सीधा वार करता है! भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में आतंक के 9 ठिकानों को ध्वस्त कर “ऑपरेशन सिन्दूर” के तहत इतिहास रच दिया। यह सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत के आत्मसम्मान, प्रतिशोध और अदम्य साहस की उद्घोषणा है।इस साहसी कदम ने उन सभी गद्दारों, चुप रहने वालों और देशविरोधी मानसिकता रखने वालों के मुंह पर ताला लगा दिया है, जो आज तक भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति पर सवाल उठाते थे। अब पूरी दुनिया देख रही है यह नया भारत है, जो चेतावनी नहीं देता, कार्रवाई करता है। हम भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अद्वितीय नेतृत्व को नमन करते हैं, जिनके दृढ़ संकल्प और राष्ट्रवाद से ओतप्रोत निर्णयों ने भारत को वैश्विक ताकत के रूप में स्थापित किया है। साथ ही, उन मित्र देशों का आभार जो आतंक के खिलाफ इस युद्ध में भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।यह सिर्फ हमला नहीं था – यह प्रतिशोध की आग थी, वीर जवानों की शपथ थी, और भारत की आत्मा की गर्जना थी। अब हर भारतवासी का सिर गर्व से ऊँचा है।अब जयचंदों के चेहरे पर सन्नाटा है।अब भारत बोलेगा नहीं – करारा जवाब देगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय, जिलाध्यक्ष उपवेश कौशिक, कमलकान्त दोबराबाल, राजेश वार्ष्णेय, हीरेन्द्र वार्ष्णेय, नरेंद्र शर्मा, आलोक सारस्वत, अजीत चौधरी, अंकुर राठी, आशीष वार्ष्णेय, जितेंद्र शर्मा, वैभव जैसवाल, भोला चौधरी, सतीश गुप्ता,भानुप्रकाश वार्ष्णेय, सौरभ अग्रवाल, लक्ष्मण खण्डेलवाल, निपुण अग्रवाल, केशवदेव अरोडा, गौरव प्रताप सिंह, आदि लोग उपस्थित रहे।
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