अगसौली चौराहा निहालपुर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन कथावाचक पूज्य श्री सुखदेव चैतन्य जी ने कहा कि अंतिम दिन भागवत कथा सुनने से पूरे सप्ताह की कथा का फल प्राप्त होता है। यह कथा जीवन को पवित्र और सन्मार्ग पर चलने में सहायक होती है।
कथावाचक सुखदेव चैतन्य का साफा, राधे कृष्ण का छविचित्र राधे राधे का पटका व माल्यार्पण कर ध्यानपाल सिंह, डाँ.सुरेश यादव, महेश यादव संघर्षी, अखिलेश शास्त्री, दिवाकर यादव, यशपाल व शौर्य यादव ने स्वागत सम्मान किया।
डाँ.सुरेश यादव व महेश यादव संघर्षी ने कहा कि यदि नशा करना है, तो भगवान की भक्ति का नशा करो। भक्ति का नशा वह नशा है, जो मनुष्य को सन्मार्ग पर ले जाता है, उसका आत्मबल बढ़ाता है और जीवन को सुखमय बनाता है। भगवान की भक्ति से मन को शांति मिलती है, परिवार में प्रेम व भाईचारा बना रहता है और व्यक्ति का जीवन सच्चे आनंद से भर जाता है।
इस अवसर पर महेन्द्र सिंह, जयप्रकाश यादव, दिवाकर यादव, यशपाल यादव,प्रदीप यादव,प्रवेश यादव, विशेष कुमार, रामप्रकाश, नत्थू सिंह, विनोद कुमार, अजय राजपूत, दिनेश कुमार, राजेश यादव, वीरपाल सिंह, सर्वेश कुमार, विकास कुमार, रजत यादव, विनोद कुमार, गोबिन्दा, हरिकेश, नत्थू गौड साहब,टीटू यादव, रवि ठाकुर, आदि मौजूद थे।
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