नगर में मोहर्रम के मौके पर रंजो गम के बीच ताजियों का जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पुलिस पीएसी बल तैनात रहा। नगर भ्रमण के पश्चात जुलूस करबला पहुंचा जहां ताजियों को सुपुर्द ए खाक किया गया।
मुहर्रम का जुलूस मुहम्मद हजरत साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत में निकाला जाता है। बताया जाता है कि हजरत इमाम हुसैन अपने 72 साथियों के साथ हक की खातिर मैदान-ए-करबला में शहीद हुए थे। उनकी याद में असरा मुहर्रम का दसवां दिन के रूप में होता है। पुरानी तहसील स्थित जलसागाह से मुहर्रम का जुलूस शुरू हुआ, जो राठी चौराहा, तिराहा बाजार, चूड़ी मार्केट, बारहसैनी, भारतीय स्टेट बैंक रोड होता हुआ करीम नगर पहुंचा, जहां मुहर्रम के जुलूस में शामिल ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
जुलूस जैसे ही बाजार में पहुंचा बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज की महिलाएं एवं बच्चे ताजियों तथा छड़ों को देखने के लिए उमड़ पड़े। इस दौरान जुलूस में मुस्लिम बहुल मुहल्लों की दर्जनों छड़ें जुलूस में शामिल हुई। लम्बी छड़ों को बाजार में निकालने के लिए लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान विद्युत आपूर्ति ठप कर दी गई थी।
जुलूस के दौरान उपजिलाधिकारी धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्राधिकारी जेएस अस्थाना, कोतवाल विजय सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।




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