शहीद भगत सिंह का बलिदान आज के युवाओं के लिए है प्रेरणा स्रोत सिकंदराराऊ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा नगर के अमोल चंद्र पब्लिक स्कूल में शहीद दिवस के उपलक्ष्य पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रधानाचार्य सुबोध कुमार ने दीप प्रज्वलन करके किया । मुख्य वक्ता के रुप में आरएसएस के नगर कार्यवाह निशान्त पाराशर ने कहा कि भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर जैसे वीर पुरुष को श्रद्धांजलि देने तथा उनके बलिदानों को याद करने के लिये भारत में 23 मार्च को शहीद दिवस मनाया जाता है। आजादी के लिये ब्रिटिश शासन से भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर ने लोहा लिया था। सिक्ख परिवार में पंजाब के लायलपुर में 28 सितंबर 1907 को जन्में भगत सिंह भारतीय इतिहास के महान स्वतंत्रता सेनानियों में जाने जाते थे। इनके पिता गदर पार्टी के नाम से प्रसिद्ध एक संगठन के सदस्य थे ,जो भारत की आजादी के लिये काम करती थी। भगत सिंह ने अपने साथियों राजगुरु, आजाद, सुखदेव, और जय गोपाल के साथ मिलकर लाला लाजपत राय पर लाठी चार्ज के खिलाफ लड़ाई की थी। शहीद भगत सिंह का साहसिक कार्य आज के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है । कार्यक्रम में उपस्थित अखिल वार्ष्णेय , देव वार्ष्णेय, शिल्पा माहेश्वरी, ऋतु कुमारी , राजीव वार्ष्णेय, शेलेन्द्र वार्ष्णेय, शांतम माहेश्वरी, पीयूष शर्मा , हिमांशु , माधव, आशीष दीप , निशान्त आदि उपस्थित रहे।

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