हथकड़ी लगाने पर पत्रकार को मिला दो लाख मुआवजा शासन ने अंतरिम राहत के रूप में दिया है मुआवजा एनएचआरसी के आदेश पर यूपी सरकार ने दिया मुआवजा सपा सरकार में पुलिस ने पत्रकार को झूठे मुकदमे में भेज दिया था जेल एटा: संसार में बहुत से लोग होते हैं, जो इतिहास पढ़ते हैं,पढ़ाते व लिखते हैं, परंतु विरले लोग ही होते हैं, जो इतिहास बनाते हैं। कुछ ऐसा ही इतिहास बनाया है जैथरा निवासी पत्रकार सुनील कुमार ने। झूठे मुकदमे में अवैधानिक गिरफ्तारी एवं हथकड़ी लगाकर जेल भेजने के विरुद्ध उन्होंने आवाज उठाई। एनएचआरसी में 6 साल लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद सफलता भी हासिल की। आयोग ने न सिर्फ उनकी दलीलों को स्वीकार किया, अपितु मानवाधिकार हनन पर प्रदेश सरकार को मुआवजा देने का भी आदेश दिया। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद शासन ने पीड़ित पत्रकार को दो लाख मुआवजा प्रदान कर भुगतान के साक्ष्य उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।एसएसपी ने मुआवजा की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कराकर पीड़ित के खाते में ट्रेजरी से भुगतान करा दिया है। पीड़ित को उक्त राशि अंतरिम राहत के रूप में प्रदान की है। प्रदेश में इस तरह का ये पहला मामला है। प्रकरण में एसएसपी सहित फंस चुके हैं 6 पुलिसकर्मी ------------------------------- पत्रकार को झूठे मुकदमे में फंसाने के मामले में अब तक कई पुलिसकर्मी फंस चुके हैं। जिले के तत्कालीन एसएसपी, एसओ व विवेचक पर आयोग कार्यवाही के आदेश दे चुका है। वहीं एसएसपी स्तर से एक हैड मोहर्रिर सहित तीन पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की जा चुकी है। *बाइट-सुनील कुमार(पत्रकार)*

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