जिलाधिकारी ने की बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं के नामांकन, विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं तथा शासन की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

हाथरस।

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं के नामांकन, विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं तथा शासन की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक के दौरान विभागीय समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अपेक्षित प्रगति न होने पर खंड विकास अधिकारी मुरसान तथा  खण्ड शिक्षा अधिकारी सि0राऊ को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। साथ ही अन्य खंड शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परिषदीय विद्यालयों में नामांकित छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ा जाए। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण कर नामांकन एवं उपस्थिति की समीक्षा करें और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाएं।

उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालयों में कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी परिषदीय विद्यालयों में शासन द्वारा निर्धारित 19 बिंदुओं के अनुरूप मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। विद्यालयों में स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, विद्युत व्यवस्था, कक्षाओं की साफ-सफाई, फर्नीचर, हैंडवॉश यूनिट, बाउंड्रीवाल, रसोईघर एवं खेल मैदान जैसी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। जिन विद्यालयों में किसी प्रकार की कमी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का वातावरण स्वच्छ, सुरक्षित एवं बच्चों के अनुकूल होना चाहिए।

जिलाधिकारी ने मिड-डे मील योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में बच्चों को समय से पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को समय-समय पर विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए।

उन्होंने समग्र शिक्षा अभियान एवं निपुण भारत मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएं। विद्यालयों में उपलब्ध स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, पुस्तकालय तथा अन्य शिक्षण संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए। बच्चों की सीखने की क्षमता का नियमित मूल्यांकन कर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, संबंधित विभागीय अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।



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