चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा नेहरू पार्क स्थित आजाद शाखा पर आद्य सरसंघचालक प्रणाम स्वयंसेवकों द्वारा किया गया ।
मुख्य वक्ता सह जिला कार्यवाह प्रदीप गर्ग ने कहा कि उन्होंने हिंदू संस्कृति की वैज्ञानिकता, गौरवशाली इतिहास और भविष्य के संकल्पों पर प्रकाश डाला। भारतीय नववर्ष केवल कैलेंडर बदलना नहीं, एक नई चेतना का संचार है। उन्होंने विक्रमी संवत की महत्ता बताई। कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को पराजित कर इसकी स्थापना की थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक जनवरी के साथ कोई ऐतिहासिक या आध्यात्मिक कारण नहीं जुड़ा है, जबकि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भगवान राम के राज्याभिषेक, स्वामी दयानंद सरस्वती के जन्म और डा. हेडगेवार के जन्मदिवस जैसे अहम प्रसंगों से जुड़ी है। नगर संघचालक प्रवीण वार्ष्णेय ने संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शताब्दी वर्ष के महत्व पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर पंच परिवर्तन का मंत्र दिया गया। इसे केवल एक नारा नहीं, समाज में वास्तविक बदलाव लाने का माध्यम बताया गया।
कार्यक्रम में मनोज कुमार ,अवधेश राजपूत ,अखिल वार्ष्णेय , देव वार्ष्णेय , प्रखर वार्ष्णेय , सौरभ वार्ष्णेय , विनोद गुप्ता , वरुण माहेश्वरी , नेम सिंह ,निर्मलदास , नीरज वैश्य, भानु सक्सेना , मनीष कुलश्रेष्ठ, विवेकशील राघव , मुकुल गुप्ता , अंकुश वार्ष्णेय , गजेंद्र चक, मनीष वार्ष्णेय ,ब्रजेश वार्ष्णेय भैया, शिवलेश उपाध्याय आदि उपस्थित रहे।
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