पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक हाथरस के निर्देशन में पैरवी हेतु चिन्हित अभियोग में मॉनिटरिंग सेल तथा अभियोजन की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरुप माननीय न्यायालय हाथरस द्वारा थाना हसायन के दहेज हत्या के अभियोग से सम्बन्धित 2 अभियुक्त व 1 अभियुक्ता को आजीवन कारावास व बारह- बारह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई ।
अवगत कराना है कि दिनांक 02.11.2022 को वादी सुरेश पुत्र हरी सिंह निवासी रतौली थाना नारखी जनपद फिरोजाबाद द्वारा थाना हसायन पर सूचना दी कि उसने अपनी पुत्री की शादी रामौतार उर्फ रामू पुत्र गजराज निवासी भिन्तर थाना हसायन जनपद हाथरस के साथ की थी। उसकी पुत्री को ससुरालीजन दहेज की मांग को लेकर आये दिन मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताडित करते थे। दिनांक 02.11.22 को ससुरालीजनों द्वारा दहेज की मांग को लेकर उसकी बहन की गला दबाकर हत्या कर दी है जिसके सम्बन्ध मे वादी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना हसायन पर मु0अ0सं0 235/2022 धारा 498-ए/304-बी व 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम थाना हसायन जनपद हाथरस पंजीकृत किया गया। विवेचक द्वारा विवेचनात्मक , साक्ष्य संकलन के दौरान नामजद अभियुक्तगण रामौतार उर्फ रामू पुत्र गजराज, माया देवी पत्नी गजराज (सास) को गिरफ्तार किया गया। अभियोग की विवेचना तत्परता से गुणवत्ता कायम रखते हुए पूर्ण की गयी तथा विवेचक द्वारा साक्ष्य संकलन कर गुणवत्तापूर्वक विवेचना करते हुए धारा 498-ए,304-बी भादवि व 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के दिनांक 21.01.2023 को आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया ।
अभियुक्तों को अधिकाधिक दंडित कराने हेतु शासन के दिशा निर्देशो के क्रम में तथा पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक हाथरस के निर्देशन में पैरवी हेतु चिन्हित अभियोगों को प्राथमिकता के आधार पर अपने निकट पर्यवेक्षण में मॉनीटरिंग सेल जनपद हाथरस के माध्यम से अभियोग का न्यायालय में विचारण के दौरान सम्यक पैरवी एवं प्रभावी कार्यवाही की गई तथा अभियोजन शाखा द्वारा भी प्रभावी पैरवी की गई ।जिसके परिणामस्वरुप आज दिनांक 12.03.2026 को माननीय न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायालय-06 जनपद हाथरस द्वारा उक्त अभियोग में अभियुक्त रामौतार उर्फ रामू , गजराज एवं माया देवी उपरोक्त को धारा 498-ए भादवि के अन्तर्गत 2 वर्ष का कारावास व 7000/- रुपये अर्थदण्ड व धारा 304-बी भादवि के अन्तर्गत आजीवन कठोर कारावास व धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अन्तर्गत 2 वर्ष का कारावास व 5000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
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