जल जीवन मिशन कार्यक्रम फेज-2 एवं फेज-3 के अन्तर्गत ग्रामीण पेयजल योजनाओं के निर्माण कार्य तथा अनुश्रवण एवं रख-रखाव सम्बन्धी कार्यों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में करते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने अवशेष एवं लंबित कार्यों को शीघ्र, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित ग्रामीण पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवशेष एवं लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि पर्याप्त संख्या में श्रमिक, मशीनरी एवं संसाधन तैनात करे, जिससे कार्यों की गति में तेजी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि सभी कार्य निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप कराए जाएं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की दैनिक म०निटरिंग सुनिश्चित करते हुए प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन प्रदेश सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं जनकल्याणकारी योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही कदापि स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं के अनुश्रवण एवं रख-रखाव की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा फील्ड स्तर पर जाकर कार्यों का भौतिक सत्यापन किया जाए, जिससे कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पाइपलाइन बिछाने, ओवरहेड टैंक निर्माण, हाउस कनेक्शन, पंप हाउस एवं अन्य संरचनात्मक कार्यों में मानकों का पूर्णतः पालन किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन ग्राम पंचायतों में कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां जलापूर्ति का ट्रायल रन कराकर निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या का त्वरित निस्तारण किया जाए। साथ ही, जिन स्थानों पर कार्य प्रगति पर हैं, वहां निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराने हेतु कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन ग्रामों में पाइपलाइन बिछाने हेतु सड़कों की खुदाई की गई है, वहां तत्काल मरम्मत कराकर सड़कों को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए, ताकि आमजन को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, कार्य में अनावश्यक विलंब अथवा गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।
अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 280 पेयजल योजनाओं (598 राजस्व ग्राम) की डीपीआर तैयार की गई है। इसके सापेक्ष फेज-2 के अंतर्गत मै० आयन एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड द्वारा 28 योजनाओं (102 राजस्व ग्राम) तथा फेज-3 के अंतर्गत मै०बी जी०सी०सी० पी०एल० रामकी (जे०वी०) द्वारा 252 योजनाओं (496 राजस्व ग्राम) पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मै० आयन एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड द्वारा 47,498 गृह जल संयोजनों के सापेक्ष 43,095 गृह जल संयोजन, 843 कि०मी० वितरण प्रणाली के सापेक्ष 769 कि०मी० पाइपलाइन तथा 92 ट्यूबवेल के सापेक्ष 89 ट्यूबवेल की बोरिंग का कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। वहीं मै० बी०जी०सी०सी० पी०एल० रामकी (जे०वी०) द्वारा 1,60,360 गृह जल संयोजनों के सापेक्ष 84,308 गृह जल संयोजन, 2650 कि०मी० वितरण प्रणाली के सापेक्ष 2072 कि०मी० पाइपलाइन तथा 364 ट्यूबवेल के सापेक्ष 295 ट्यूबवेल की बोरिंग का कार्य पूर्ण कराया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करते हुए प्रत्येक ग्राम में हर घर नल से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण), सहायक अभियंता जल निगम (ग्रामीण), जिला सूचना अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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