सिकंदराराऊ में 51 करोड़ की पेयजल योजना में बड़े घोटाले का आरोप, पूर्व विधायक ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

सिकंदराराऊ । 

नगर पालिका सिकंदराराऊ और पुरदिल नगर टाउन एरिया में स्वच्छ जल आपूर्ति के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन परियोजना विवादों के घेरे में आ गई है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक यशपाल सिंह चौहान ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इस लगभग 51 करोड़ रुपये की लागत वाली योजना में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

 पूर्व विधायक ने आरोप लगाया है कि विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से मानक के विरुद्ध कार्य किया जा रहा है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग होने के साथ-साथ भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।

पूर्व विधायक द्वारा उठाए गए बिंदुओं के अनुसार, पाइपलाइन बिछाने के कार्य में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। पत्र में कहा गया है कि पाइपों की गुणवत्ता की जांच किसी सरकारी प्रयोगशाला के बजाय निजी एजेंसियों से कराई गई है, जो नियमों के खिलाफ है। साथ ही, पाइपों को निर्धारित गहराई 1 मीटर के बजाय काफी कम गहराई पर दबा दिया गया है, जिससे भारी वाहनों के गुजरने पर पाइपों के फटने का खतरा है। आरोप है कि डीआई पाइप बिछाते समय न तो सैंड फिलिंग की गई और न ही उचित कॉम्पैक्शन किया गया, बल्कि कई जगहों पर पुराने और जंग लगे पाइपों का ही इस्तेमाल कर लिया गया है।

भ्रष्टाचार का यह मामला केवल पाइपलाइन तक ही सीमित नहीं है। शिकायत के अनुसार, सीसी रोड की कटिंग के बाद पुनरुद्धार कार्य में भी मानक से कम मोटाई की परत डाली जा रही है। वहीं, गलियों में लगाई जा रही इंटरलॉकिंग और पानी की टंकियों के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए  गए हैं। पत्र में उल्लेख है कि पुराने जलाशयों की मरम्मत के नाम पर केवल रंगाई-पुताई करके खानापूर्ति कर दी गई है। पूर्व विधायक ने विशेष रूप से जोन 1, 2 और 3 के अंतर्गत चूड़ी मार्केट, नौरंगाबाद और सिनेमाघर के पीछे स्थित हरिजन बस्ती जैसे इलाकों में पाइपलाइन बिछाने में हुई धांधली का जिक्र करते हुए जिलाधिकारी से मांग की है कि एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।



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