प्रधानों का उत्पीड़न नहीं रुका होगा बड़ा आंदोलन: प्रदेश अध्यक्ष

 

एटा।* अखिल भारतीय प्रधान संगठन के पदाधिकारी सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष संतोष यादव के नेतृत्व जिलाधिकारी कार्यालय पहुचे और अपनी समस्याएं रखते हुए मुख्यमंत्रों को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ग्राम प्रधानों का उत्पीड़न नहीं रुका तो बहुत बड़ा आंदोलन होगा। 

इस दौरान ज्ञापन में कहा कि एक अभिनव प्रयोग करते हुये निदेशक पंचायतीराज के आदेश द्वारा मानदेय पर नियुक्त अप्रशिक्षित पंचायत सहायक एकाउण्टेन्ट कम डाटा एण्ट्री ऑपरेटर को पंचायत गेट-वे साफ्टवेयर में क्यूआर कोर्ड वेरीफिकेशन को एकीकृत करते हुये अपने रजिस्टर्ड मोबाईल से पंचायत सचिवालय में स्थापित कम्प्यूटर सिस्टम द्वारा भुगतान हेतु अधिकृत कर दिया गया तथा बिना किसी तकनीकि प्रशिक्षण एवं क्षमता का आंकलन किये उन्हें क्यूआर कोर्ड वेरीफिकेशन किये जाने की एसओपी जारी कर दी गई। पंचायत विकास कार्या में बाधक इस अव्यवहारिक आदेश को तत्काल वापस लिया जाये। प्रतिदिन 237 रुपए मजदूरी पर मजदूर कार्य करने को तैयार नहीं है अतः इसे बढाकर कम से कम 400 रूपये प्रतिदिन किया जाये। वर्ष-1993 में पारित 73वें संविधान संशोधन विधेयक के तहरत 29 विषय व उनसे जुडे अधिकार कोष कार्य और पंचायत कर्मियों को पंचायतों को सौंपकर सत्ता विकेन्द्रीकरण की आदर्श व्यवस्था लागू की जाये। राज्य वित्त आयोग व प्राासनिक सुधार आयोग की समस्त प्रमुख सिफारिशों को उत्तर प्रदेश में लागू किया जाये। प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं जिला पंचायत सदस्यों की सुरक्षा हेतु शस्त्र लाईसेन्स जारी करने में प्राथमिकता दी जाये। आयोग की प्रमुख सिफरिशों को यूपी में लागू किया जाए, प्रधान, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत सदस्यों को शस्त्र लाइसेंस दिए जाए। प्रधानाी, पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ अभियोग दर्ज करने से पूर्व पंचायतीराज से अनुमति का प्रावधान किया जाए, अंतिम उपभोकता अर्थात भारत की जनता द्वारा प्रदत्त टैक्स से सरकारों का कार्य एवं विकास कार्य होता है तथा जनसंख्या का 70 प्रतिशत भाग गाँव में निवास करता है। इसलिये गाँव के विकास के लिये सरकार को जी०एस०टी० आदि द्वारा प्राप्त राजस्व का 70 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराया जाये। पंचायत से जुडे राजस्वकर्मी, पंचायतकर्मी, ऑगनवाडी, राशन कोटेदार एवं प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों अध्यापकों की उपस्थिति कार्य प्रमाणन, निलम्बन की संस्तुतिसहित सभी मामलों में पंचायतों को पूर्ण अधिकार दिया जाए। इसके अलावा अन्य मांगें शामिल थीं। मांग करने वालों में योगेश कुमार, सर्वेन्द्र सिंह, संतोष सिंह, विनय, विजय, अनिल, राजीव, बचान सिंह, सुरजीत, सचिन, संजेश, हीरालाल, विक्रमजीत, कौशलेन्द्र, शैलेष यादव, सतेन्द्र, अनुज, अनुराज, गजराज सिंह, उर्वेश, रामवीर सिंह, संजीव, सुमन, मनोज, ओसपाल, योगेश, मनोज यादव, बॉबी, राजेश, पप्पू समेत आदि अनेक प्रधान मौजूद रहे।





@samachar24news

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