भागवत कथा के दूसरे दिन भागवताचार्य पंडित सुभाष चंद्र दीक्षित ने किया शुकदेव जन्म, परीक्षित श्राप और अमर कथा का वर्णन
मोहल्ला बगिया बारहसैनी स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन भागवताचार्य पंडित सुभाष चंद्र दीक्षित ने शुकदेव जन्म, परीक्षित श्राप और अमर कथा का वर्णन करते हुए बताया कि “नारद जी के कहने पर पार्वती जी ने भगवान शिव से पूछा कि उनके गले में जो मुंडमाला है वह किसकी है तो भोलेनाथ ने बताया वह मुंड किसी और के नहीं बल्कि स्वयं पार्वती जी के हैं। हर जन्म में पार्वती जी विभिन्ना रूपों में शिव की पत्नी के रूप में जब भी देह त्याग करती शंकर जी उनके मुंड को अपने गले में धारण कर लेते पार्वती ने हंसते हुए कहा हर जन्म में क्या मैं ही मरती रही, आप क्यों नहीं।
शंकर जी ने कहा हमने अमर कथा सुन रखी है पार्वती जी ने कहा मुझे भी वह अमर कथा सुनाइए शंकर जी पार्वती जी को अमर कथा सुनाने लगे। शिव-पार्वती के अलावा सिर्फ एक तोते का अंडा था जो कथा के प्रभाव से फूट गया उसमें से श्री शुकदेव का प्राकट्य हुआ कथा सुनते सुनते पार्वती जी सो गई वह पूरी कथा श्री शुकदेव जी ने सुनी और अमर हो गए शंकर जी शुकदेव जी के पीछे उन्हें मृत्युदंड देने के लिए दौड़े। शुकदेव जी भागते भागते व्यास जी के आश्रम में पहुंचे और उनकी पत्नी के मुंह से गर्भ में प्रविष्ट हो गए। 12 वर्ष बाद श्री शुकदेव गर्भ से बाहर आए। इस तरह श्री शुकदेव जी का जन्म हुआ।
भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष पंकज गुप्ता ने व्यासपीठ का पूजन करके भागवत आचार्य पंडित सुभाष चंद्र दीक्षित से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर आयोजकों ने उन्हें फूल माला पहनाकर व स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया।
इस मौके पर पंकज गुप्ता, प्रिंस गुप्ता, मुकुल गुप्ता, मीरा माहेश्वरी, बृजबिहारी कौशिक, दीपक गुप्ता, शशिवाला वार्ष्णेय, अशोक गुप्ता, संतोष गुप्ता, सुशील कुमार, अरविंद गुप्ता आदि मौजूद रहे।


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