श्रावण मास के पांचवे सोमवार को श्रद्धालुओं ने किया भगवान शिव का जलाभिषेक

 श्रावण मास के पांचवे सोमवार को श्रद्धालुओं ने किया भगवान शिव का जलाभिषेक

सिकंदराराऊ

श्रावण मास के पांचवे सोमवार को शिवालयों में शिवभक्तों की भारी भीड़ रही। भक्तों ने पवित्र गंगाजल से अपने आराध्य भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया। 

 श्रावण मास के पांचवे सोमवार को नगर के सभी शिवालय में भक्तों की भारी भीड़ रही। गौरीशंकर हिंदू इंटर कॉलेज स्थित शिवालय,  जागेश्वर महादेव, नर्मदेश्वर महादेव, हर हर महादेव, भूतेश्वर महादेव , बनखंडी महादेव आदि मंदिरों पर जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की लंबी लाइन लगी रही। पूजा अर्चना के उपरांत शिव स्त्रोत पढ़ते हुए भक्तों ने जलाभिषेक किया। 

 सावन के महीने में गंगा जल, दूध, दही, शहद भूरा गन्ने के रस और भांग धतूरे से भगवान शिव की पूजा की जाती है। सावन मास की शिवरात्रि पर भगवान शिव को जलाभिषेक करने का विशेष महत्व है। भगवान शिव का जलाभिषेक करनेवाले श्रद्धालुओं की मन की मुराद पूरी होती है। हिंदू धर्म में सावन माह को पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। क्योंकि इस पूरे माह भगवान शिव की विधिवत तरीके से पूजा-पाठ करके खुश किया जाता है। माना जाता है कि इस पूरे मास में भगवान शिव माता पार्वती के साथ भू लोक में ही रहते हैं। ऐसे में इस माह पूजा करने से कई गुना अधिक फलों की प्राप्ति होती है। सावन के दौरान भगवान शिव का अभिषेक, रुद्राभिषेक करना शुभ माना जाता है।

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