सिकंदराराऊ
शुक्रवार को महिलाओं ने आंवले के पेड़ की पूजा अर्चना करके आमलकी एकादशी मनाई। इस दौरान घर से थाली में पूजन की सामग्री लेकर पार्क और खेतों में आंवले की पूजा करने गई। वहां पर उन्होंने पेड़ से रक्षा सूत्र बांधकर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। गौरतलब है कि हिंदू धर्म में आमलकी एकादशी पर्व का काफी महत्व माना जाता है। इस अवसर पर महिलाओं के द्वारा आंवले के रूप में भगवान विष्णु की पूजा की।
आमलकी एकादशी या कहें आंवले की एकादशी इस दिन भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा होती है।फाल्गुन मास में पड़ने वाली दूसरी एकादशी को आमलकी एकादशी भी कहा जाता है। एकादशी की तिथि विष्णु भगवान की पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ है। इस दिन घर में आंवले का वृक्ष लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है। माना जाता है कि आज के दिन आंवले का पेड़ लगाने से कारोबार फलता-फूलता है और करियर में तरक्की मिलती है।


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