एडीएचआर ने किया लावारिस वृद्ध के शव का अंतिम संस्कार
व्यक्ति के मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य कर रही एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स संस्था अज्ञात शवों के धार्मिक रीति-रिवाज से दाह संस्कार के लिए भी कार्य कर रही है।अज्ञात शव का दाह संस्कार एडीएचआर की देखरेख और समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में किया गया । जिसके दाहसंस्कार की व्यवस्था में एडीएचआर के पदाधिकारी अजय गुप्ता (खल-चुनी वाले) का पूर्णरूपेण सहयोग रहा।
15 फरवरी को कोतवाली सादाबाद के अन्तर्गत चौधरी चरण सिंह चौराहे पर एक व्यक्ति जिनकी उम्र 60 वर्ष को किसी वाहन ने टक्कर मार दी जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई । मृतक कंपनी नाईक का नीले रंग का पजामा,नीले रंग का नेकर व नीली बनियान सफेद, चेक की शर्ट व नीली चप्पल पहने हुए था। शव का अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज से पत्थर वाली शमशान घाट पर किया गया।
पुलिस द्वारा शव को शिनाख्त के लिए 72 घंटे रखा। शव की शिनाख्त न होने के कारण शव को थाना पुलिस द्वारा लावारिस घोषित कर पोस्टमार्टम कराया गया । उसके उपरांत पुलिस द्वारा समाजसेवी सुनीत आर्य व प्रवीन वार्ष्णेय से शव के अंतिम संस्कार के लिए अनुरोध किया गया। समाजसेवियों द्वारा उपरोक्त शव का धार्मिक रीति रिवाज से अंतिम संस्कार पत्थर वाली स्थित श्मशान घाट पर किया गया ।
अंतिम संस्कार सुनील अग्रवाल अध्यक्ष निस्वार्थ सेवा संस्थान , प्रवीन वार्ष्णेय राष्ट्रीय महासचिव एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स समाजसेवी सुनीत आर्या, एडीएच आर जिला उपाध्यक्ष मदन गोपाल वार्ष्णेय, आयोग दीपक, सुरजीत कुमार काली , बंटी भाई कपड़े वाले, अजय गुप्ता (खल-चुनी वाले), नंद किशोर नन्दू, अंकित अग्रवाल, ध्रुव कोठीवाल ,रविंद्र कुमार सिंह रोमी , हेड कांस्टेबल भारत मालिक, होमगार्ड केदार आर्य मौजूद रहे।


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