एटा:10 सालों से खाद की सरकारी सुसाइटी पड़ी बंद,गोदाम में रखी सड़ रही खाद,शराबियो की जमती है महफिल

 *एटा:10 सालों से खाद की सरकारी सुसाइटी पड़ी बंद,गोदाम में रखी सड़ रही खाद,शराबियो की जमती है महफिल

अन्नदाता खुद भूखे रह करके सभी का पेट भरता है। लेकिन इस समय किसानों को जनपद एटा में सुबह सुबह खाद लेने के लिए जनपद की विभिन्न सुसाइटियो पर लाइन लगानी पड़ जाती है।आगरा और फिरोजाबाद जिले में एक एक किसान की मौत हो चुकी है।


वही दूसरी तरफ जनपद एटा के जिला मुख्यालय से करीब 62 किमी दूर कस्बा राजा का रामपुर की खाद की सुसाइटी लगभग 10 सालो से बंद पड़ी हुई है।जिससे किसानों को खाद बाजार में उपस्थित उर्वरक विक्रेताओं से खरीदनी पड़ रही है। दबे लहजे में किसानों ने बताया हम को खाद कुछ महंगी जरूर मिलती है लेकिन मिल तो जाती है। अगर सुसाइटी चल रही होती तो हमको भी कुछ फायदा मिल जाता।एक तो बारिश ने हम लोगो की फसलों को बर्बाद कर दिया ऊपर से अब खाद की बाजार में कमी चल रही है। राजा का रामपुर में स्थित एक खाद विक्रेता ने बताया डीएपी अभी हमारे पास नही है। लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 


*10 सालो से बंद पड़ी खाद की सुसाइटी*


कस्बा राजा का रामपुर क्षेत्र की खाद की सुसाइटी कस्बा से करीब 500 मीटर दूर रायपुर गांव के पास स्थित है। जहा की सुसाइटी की हालत बेहद गंभीर नजर आती है। मिली जानकारी के अनुसार ये सुसाइटी करीब 10 सालों से बंद पड़ी हुई है।जो अब शराबियो का अड्डा बन चुका है और वहा पर उपले इत्यादि बनाए जा रहे है और बनी हुई बिल्डिंग के खेत छतिग्रस्त हो रहे है। सुसाइटी इमारत में रखी हुई बिल्डिंग में रखे हुए अभिलेख भी अपनी आखिरी जिंदगी जी रहे है।


*सुसाइटी के गोदाम में रखी खाद हो रही खराब*


सरकारी पैसे की बेकदरी कैसे होती है इसकी एक अनूठी बानगी भी इस खाद की सुसाइटी पर भी देखने को मिलती है।खाद की गोदाम में रखी हुई खाद की बोरियां खराब होती हुई नजर आ जाती है। जब इस मामले पर सुसाइटी के बारे में अमर उजाला ने पड़ताल की तभी इस सुसाइटी के केयरटेकर रामसनेही शाक्य जो की रायपुर गांव के निवासी है जो बताते है इस गोदाम के अंदर करीब 180 बोरी खाद रखी हुई है जो जम गई है। ये सुसाइटी 2012 से  बंद है तब से इसे कोई देखने तक नही आया है। सोसायटी में 135 बोरी यूरिया की खाद है और 45 बोरी डीएपी खाद है जोकि 2012 से इसी गोदाम में बन्द पड़ी है। पहले मैं इसमें नौकरी कर रहा था अब मेरा बेटा नौकरी कर रहा है जिसका कोई भुगतान अभी तक न मुझे दिया गया न ही मेरे बेटे को दिया गया। 


*बंद पड़ी हुई सुसाइटी बनी शराबियो का अड्डा*


विगत 12 सालो से बंद पड़ी हुई सुसाइटी का इस्तेमाल क्षेत्र के शराबियो के द्वारा बखूबी से किया जा रहा है। इसके आसपास शाम को पीयक्कड़ो का जमावड़ा लग जाता है। वहां पर पड़े हुए शराब की खाली बोतलें और खाली टेट्रा पैक इस बात की बानगी है।


*अधिकारियों की सफाई की अलग अलग कहानी*


अधिकारियों की अनदेखी के चलते हुए जब अमर उजाला ने इस सहकारी समिति के सचिव हरी सिंह सहकारी बैंक के मैनेजर गणेश यादव और ए आर कोपरेटिव महावीर सिंह से बात की तो सभी ने इसकी अलग अलग समस्याएं बताई है। लेकिन इन अधिकारियों ने समाधान के बारे में कोई बात नही की है।


सुसाइटी के सचिव हरी सिंह बताते है इस सुसाइटी का मेरे पास एडिशनल चार्ज है।जिसका मैने चार्ज लिया है मेरे पास केवल आफिस और एक गोदाम की चाबी है जो बिल्कुल खाली है।इसके अंदर खाद है जिसकी मुझे जानकारी नहीं है।


वही राजा का रामपुर के सहकारी बैंक के मैनेजर ने बताया है अभी लगभग 6 महीने पहले हमने यहां का चार्ज लिया है।कैश कैरी की दिक्कत है। हमारे पास फंड नहीं है क्योंकि पिछले पैसे की वसूली नहीं हो पाई है और खाद नही मंगवा पा रहे है। जिसके कारण से इस सुसाइटी से खाद का वितरण नही हो पा रहा है। बिल्सड पुवाया के सचिव को राजा का रामपुर सुसाइटी का अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया है। 


एटा के ए आर कोपरेटिव महावीर सिंह ने बताया है यहां की सुसाइटी पर खाद वितरण इस सुसाइटी पर नही होता है। इसका खाद का वितरण बिलसड़ पुवायां की सुसाइटी पर होता है। किसानों को खाद दी जा रही है।

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