कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी अतुल वत्स ने संचालित स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पतालों की व्यवस्थाओं तथा विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ओ0पी0डी0, आई0पी0 डी0, अल्ट्रासाउण्ड, एक्स-रे, पैथोलोजी, जननी सुरक्षा योजना/भुगतान, एफ0आर0 यू0, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आर0बी0एस0के0), परिवार नियोजन, राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टिक्षीणता नियंत्रण, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन, हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर के संचालन, एम्बुलेंस 108, नेशनल एम्बुलेंस सेवा 102, पी0पी0पी0 परियोजना, मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड निर्माण, नियमित टीकाकरण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, पी0सी0पी0एन0डी0टी0, आदि योजनाओ के प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा व्यक्ति बीमार होने की अवस्था में ही अस्पताल आता है। उन्होंने महिला/पुरुष जिला अस्पताल/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र/हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों पर बैठने, पीने के पानी, प्रकाश तथा साफ सफाई के उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि सुनिश्चित करे कि पर्चा बनवाने तथा दवा लेने वाले काउंटर पर आवश्यक भीड़ न हो और लाइन न लगे। उन्होंने अस्पतालों में अनावश्यक पड़े निष्प्रोज्य सामान, निष्प्रोज्य वाहनों, निष्प्रोज्य भवनों का तत्काल निस्तारण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में निरीक्षण के दौरान यदि पाया गया कि बैठक में जो निर्देश दिए गए है का अनुपालन नहीं हुआ है इस स्थिति में संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। जिलाधिकारी ने एम0ओ0आई0सी0 को जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत भुगतान के संबंध में ऑनलाइन जनरेटेड रिपोर्ट दो दिवस के उपरांत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिन गर्भवती महिलाओं का अंतिम माह चल रहा है उनको प्राथमिकता के आधार पर जांच करते हुए आवश्कतानुसार आयरन सुक्रोज की डोज दिए जाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जहां पर भी स्वास्थ शिविर का आयोजन किया जाए वहां पर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। हसायन तथा मुरसान में टीकाकरण का डेटा प्रगति के सापेक्ष पोर्टल पर अपडेट न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनसामान्य के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि यदि किसी स्वास्थ्य केंद्र पर संसाधनों, उपकरणों अथवा अन्य व्यवस्थाओं की आवश्यकता है तो उसका मांग/सूचना पत्र दो दिवस के भीतर उपलब्ध कराया जाए, ताकि समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें।
इस मौके पर जिलाधिकारी ने जनपद में डिप्थीरिया के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क एवं सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिप्थीरिया एक संक्रामक बीमारी है, जिसकी रोकथाम के लिए समय पर टीकाकरण एवं जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देशित किया कि एक भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी एवं स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाए। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि विद्यालयों में बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच कराई जाए तथा डिप्थीरिया के लक्षणों के प्रति जागरूकता फैलायी जाए।
बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, समस्त एमओआईसी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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