माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के आदेश के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश विनय कुमार-III के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, की सचिव अनु चैधरी व प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड खुशबू चन्द्रा द्वारा राजकीय सम्प्रेक्षण गृह मथुरा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय उपस्थित किशोरों से उनकी समस्याएं सुनी तथा साफ-सफाई देखी गयी। खाने पीने के प्रतिदिन के मीनू को देखा गया तथा किशोरों से उनको दिये जाने वाले नाश्ता एवं भोजन के सम्बन्ध में जानकारी की गयी। बन्दियों को ये भी बताया गया कि ऐसे बन्दी जिनकी पैरवी हेतु अधिवक्ता नहीं है वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क अधिवक्ता ले सकते हैं। अधीक्षक को भी निर्देश दिये गये कि ऐसा कोई बन्दी जिसकी पैरवी हेतु कोई अधिवक्ता नहीं है उसका प्रार्थना पत्र लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। वर्तमान में बाल सुधार गृह, मथुरा में कुल 14 किशोर निरूद्ध हैं।
इसी क्रम में सचिव द्वारा बच्चों की उपस्थिति रजिस्टर स्टाॅक रजिस्टर डाक्टर विजिट रजिस्टर तथा किशोरों को दी जाने वाली तकनीकि शिक्षा व पढ़ाई हेतु नियुक्त शिक्षकों के सम्बन्ध में रजिस्टर देखे गये। निरीक्षण के समय किसी भी किशोर द्वारा किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं बतायी गयी।
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