ठाकुर जी में मीराबाई की अटूट भक्ति थी : रसराज दास जी महाराज

हाथरस। 

बलकेश्वर महादेव सरक्यूलर रोड पर कथा व्यास जगतगुरु द्वाराचार्य अग्रपीठाधीश्वर मलूक पीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेंद्र दास जी महाराज के परम स्नेही शिष्य रसराज दास जी महाराज के श्री मुख से श्रीमद्भभागवत कथा ज्ञान यज्ञ की रस वर्षा शनिवार को प्रारंभ हुई। 

  प्रथम दिवस कलश यात्रा बिहारी जी महाराज बड़ी कोठी से प्रारंभ होकर पत्थर बाजार, नयागंज, चक्की बाजार, मैंडू गेट, गणेशगंज, सरक्यूलर रोड कथा स्थल पहुंची। शोभायात्रा में अयोध्या धाम से पधारे सियाराम बाबा, केशव जी महाराज जी का आगमन हुआ। 

  मंगलाचरण की कथा प्रारंभ करते हुए भगवान जगन्नाथ, बिहारी जी महाराज, द्वारकाधीश, गोवर्धन नाथ भगवान के स्वरूपों का वर्णन किया और कहा कि हाथरस ब्रज की देहरी बहुत ही पवित्र स्थान है । साथ ही साथ परम पूज्य पंडित जी महाराज के भागवत प्रेम की व्याख्या करते हुए कहा पंडित जी बाबा ने साक्षात भगवान को प्राप्त किया। यह हाथरस की ब्रज देहरी धन्य हो गई। 

 साथ ही साथ मीराबाई की भक्ति का वर्णन करते हुए कहा कि मीराबाई की भक्ति ठाकुर जी में अटूट थी। हर तरफ भगवान का ही दर्शन होता था। हर वस्तु में भगवान देखती थी। ठाकुर जी के अलावा मीरा का कोई नहीं था। सालिग्राम भगवान के प्राकट्य होने की कथा का वर्णन किया। 

 आयोजकों ने बताया कि कल द्वितीय दिवस की कथा दोपहर 1:00 बजे से प्रारंभ होकर हरि इच्छा तक चलेगी।  व्यवस्था में प्रेमचंद वर्मा, किशोरीरमन वर्मा, राधारमण वर्मा, राजू लाला, ओमप्रकाश वर्मा, नरेश वर्मा, कमल वर्मा, ओमप्रकाश बागड़ी, रमेश कूलवाल, मदन लाल वर्मा, पप्पन वर्मा, राजू वर्मा, राजकुमार वर्मा, महेश वर्मा, दिलीप वर्मा, बिंटू वर्मा, श्रीनाथ, अमित,बिपिन, विशाल, तरुण, अंकित, अरुण, गोपाल, राम वर्मा, टिंकू वर्मा, योगेश वर्मा, दाऊजी वर्मा, सचिन वर्मा, दाऊदयाल वर्मा, कृष्णा,बिपिन कांत, मनोज वार्ष्णेय, प्रवीण वार्ष्णेय आदि लोग रहे।



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