प्रातः 08ः30 बजे जनपद न्यायालय परिसर हाथरस में जनपद न्यायाधीश, हाथरस विनय कुमार द्वारा ध्वजारोहण किया गया, इसके उपरान्त जनपद न्यायाधीश, द्वारा गणतन्त्र दिवस के अवसर पर भारत के संविधान की प्रस्तावना का पाठन किया गया, जिसे समस्त न्यायिक अधिकारीगण, समस्त कर्मचारीगण व अधिवक्तागण द्वारा अक्षरशः पाठन किया गया।
जनपद न्यायाधीश द्वारा अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा गया कि आज हम 77वां गणतन्त्र दिवस मना रहे हैं। गणतन्त्र दिवस हर साल 26 जनवरी को हमारे देश में बहुत खुशी और गर्व के साथ मनाया जाता है। आज ही के दिन 1950 में भारतीय संविधान लागू हुआ था। हम सभी जानते हैं कि भारत को स्वतंत्रता 15 अगस्त 1947 को मिली थी, लेकिन राष्ट्र का अपना कोई संविधान नहीं था इसी दिन यानी 26 जनवरी 1950 को हमारे देश का संविधान लागू हुआ था। आज इसी संविधान के वजह से हमारा देश पूर्ण गणतंत्र है। इस दिन सबसे पहले भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति इंडिया गेट पर स्थित अमर जवान ज्योति पर देश के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं। एक लोकतांत्रिक देश में रहना हम सबके लिए गर्व की बात है। स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया। जनपद न्यायाधीश महोदय द्वारा यह भी कहा गया कि हमारा संविधान 26 नवम्बर 1949 को कुछ लागू हो गया था, तथा पूर्ण संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। जिसे हम गणतन्त्र दिवस के रूप में मनाते हैं। भारतीय संविधान की प्रस्तावना में संविधान का मूल सार है।
उन्होंने कहा कि आज हम सभी अधिकारीगण एंव कर्मचारीगण संकल्प लेते हैं कि हम अपने संविधान का पूर्ण रूपेण पालन करेंगें तथा उसे अक्षुण बनाये रखेंगें।
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