मैं गंगा हूं मैं पावन हूं मगर सागर से डर मुझको

सिकंदराराऊ। 

भाईचारा सेवा समिति के तत्वावधान में एक काव्य गोष्ठी कासगंज रोड पर समाजसेवी हरपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई तथा संचालन शायर आतिश सोलंकी ने किया।

अतिथि के रुप में भाईचारा सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश यादव संघर्षी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरपाल सिंह यादव व नरेन्द्र सिंह जादौन निदेशक जिला सहकारी बैंक ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में आमन्त्रित सभी अतिथि, समाजसेवियों कवियों को आयोजन समिति द्वारा  सम्मानित  किया ।

शायर आतिश सोलंकी ने पढ़ा -

जो मां बाप में देखते हैं खुदा को

उन्हीं घर में जश्ने बहारा मिला है...

कवि महेश यादव संघर्षी ने पढ़ा

मैं गंगा हूं मैं पावन हूं मगर सागर से डर मुझको

नीर मीठे को खाराकर रतन नीलाम ना कर दे 

शायर शिवम अश्क ने पढा

कुछ लोग मेरी मौत पर आंसू बहाने आये

कुछ गुलाब अपने काँटों का दर्द बताने आए

गज़लकार अब्दुल कदीर जिया ने पढ़ा

हमको मालूम है कि वाइसे नफरत क्या है 

फिर हमें याद दिलाने की जरुरत क्या है 

कवि धीरु वर्मा ने पढा

माँ की ममता में इतने दुलारे हैं

उसके आँचल में बचपन गुचारे हैं

    काव्य गोष्ठी में हरेन्द्र यादव प्रधान, रिंकू यादव, डॉ अवधेश कुमार, अखिलेश शास्त्री, डॉ राहुल कुमार, डॉ.संजय कुमार, श्रीनिवास मुनीम जी, मनोज सविता, ज्ञानेन्द्र चौहान, विशाल गोला, देवेन्द्र बघेल, सुधीर यादव, कमलेश यादव, सत्यवीर यादव एडवोकेट, जितेन्द्र एडवोकेट, नबाब अहमद कुरैशी, संजीव यादव, राजकुमार जाटव, संदीप कुमार, प्रमोद कुमार, सोनू यादव, मृदुल यादव एडवोकेट, देवा बघेल, मोहित कुमार कश्यप, सर्वेश कुमार आदि मौजूद थे।

@samachar24news

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