सिकंदराराऊ
नगर के श्री मंदिर राधा कृष्ण बगिया बारहसैनी में बुधवार को श्रीमद् भागवत कथा का भविष्य शुभारंभ हुआ है। इसअवसर पर मोहल्ला नौरंगाबाद पश्चिमी स्थित बांके बिहारी इस्कॉन मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें सैकड़ों महिलाएं पीले वस्त्र पहनकर सिर पर कलश लेकर चल रही थी। वहीं डीजे की धुन पर भी महिलाएं और बच्चे जमकर थिरके। कलश यात्रा से माहौल भक्तिमय हो गया। नगर भ्रमण के दौरान कलश यात्रा का पुष्प वर्षा कर के जगह-जगह स्वागत किया गया। कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गो से होती हुई कथा प्रांगण में पहुंचकर संपन्न हुई। जहां पूजा अर्चना के पश्चात कथा का शुभारंभ किया गया।
भागवताचार्य पंडित सुभाष चंद्र दीक्षित ने कहा कि जिस क्षेत्र में भगवत कथा का आयोजन किया जाता है उस क्षेत्र में खुशहाली आती है। हम सबको ईश्वर के बताए मार्ग पर चलना चाहिए तभी मोक्ष संभव है। आचार्य पंडित सुभाष दीक्षित ने पहले दिन भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि मृत्यु को जानने से मृत्यु का भय मन से मिट जाता है, जिस प्रकार परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय को प्राप्त किया, वैसे ही भागवत जीव को अभय बना देती है। प. दीक्षित ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है। यह परमहंसों की संहिता है, भागवत कथा हृदय को जागृत कर मुक्ति का मार्ग दिखाता है। अधिक मास में इसके श्रवण का महत्व है। भागवत कथा भगवान के प्रति अनुराग उत्पन्न करती है। यह ग्रंथ वेद, उपनिषद का सार रूपी फल है। यह कथा रूपी अमृत देवताओं को भी दुर्लभ है।
इस अवसर पर आचार्य शैलेंद्र दीक्षित, कार्यक्रम आयोजक अशोक कुमार गुप्ता ,संतोष गुप्ता, अनिल गुप्ता ,सुनील गुप्ता, सुशील कुमार एवं अरविंद गुप्ता , किशनवीर यादव, मीरा माहेश्वरी आदि मौजूद रहे ।



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