महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मना भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

 महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मना भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस               

सिकंदराराऊ:

महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्राचार्या प्रो.शैफाली सुमन के कुशल दिशा-निर्देशन में भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन हुआ। जिसमें महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने व्यापक स्तर पर सहभागिता की। अमृत महोत्सव के प्रभारी और कार्यक्रम के मुख्यवक्ता श्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने भारत विभाजन को भारतीय इतिहास की सबसे त्रासद घटना बताते हुए कहा कि यह एक ऐसा दुःख-दर्द है जो अभी तक प्रत्येक भारतीय के मन-हृदय को गहरे स्तर पर प्रभावित करता है। इसके अतिरिक्त उन्होंने भारत विभाजन के लिए ज़िम्मेदार राजनीतिक घटनाक्रम छात्र-छात्राओं को समझाया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. शैफाली सुमन ने भारत विभाजन को भारत ही नहीं विश्व इतिहास का भी एक काला अध्याय बताया प्राचार्या ने भारत में विद्धमान रहीं विभाजनकारी शक्तियों को छात्र-छात्राओं के समझ रेखांकित करते हुए उन्हें  इतिहास की गलतियों से सीख लेने हेतु प्रेरित किया। जिससे भविष्य में विभाजन जैसी घटनाओं को रोका जा सके और भारत और उसका समाज अपने विविधतावादी स्वरूप को बरक़रार रखते हुए अखण्ड बना रहे। इसके अतिरिक्त प्राचार्या ने मेरी माटी-मेरा देश अभियान में छात्र-छात्राओं को व्यापक स्तर पर  सहभगिता कर इस महत्वाकांक्षी पहल को जन-जन तक पहुँचाने हेतु प्रेरित किया। इस मौके पर  डॉ. जितेंद्र कुमार परमार, गोविंद कुमार, बृजमोहन एवं अन्य लोग‌ उपस्थित रहे ।

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