महिलाएं अपने अधिकारों को समझें-जिलाजज
न्यायाधीशों ने महिलाओं को गिनाए कानूनी अधिकार
संवाद सूत्र, अलीगंज- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक एवं साक्षर बनाने के उददेश्य से कार्यशाला का आयोजन तहसील सभागार में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाजज अनुपम कुमार ने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश अनुपम कुमार ने कहा कि महिलाओं अपने अधिकारों को समझें। उन्होंने कहा कि आज महिलाओं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। उन्होंने कहा कि यौन उत्पीडन की शिकार महिलाओं के नाम न छापने देने का अधिकार है। अपनी गोपनीयता की रक्षा के लिए उत्पीडन की शिकार महिललाएं अकेले अपना बयान किसी भी महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी या जिलाधिकारी के सामने दर्ज करवा सकती है। इसके अलावा घरेलू हिंसा के खिलाफ के अधिकारों को भी बताया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम मुख्य रूप से पति, पुरूष लिव इन पार्टनर या रिश्तेदार द्वारा एक पत्नी एक महिला लिव इन पार्टनर या फिर घर में रह रही किसी भी महिला जैसे मां या बहन पर की गई घरेलू हिंसा से सुरक्षा करने के लिए बनाया गया है।
उन्होंने मुफत कानूनी सहायता के अधिकारों को बताते हुए कहा कि बलात्कार की शिकार हुई महिलाओं मुफत काूननी मदद पाने का पूरा अधिकार है। स्टेशन हाउस आफिसर के लिए ये जरूरी है कि वो विधिक सेवा प्राधिकरण को वकील की व्यवस्था करने के लिए सूचित करे।
अपर जिलाजज कमालुददीन ने कहा कि महिलाआंे को अपने अधिकार बताए। उन्होंने कहा कि पीडिताओं को क्षतिपूर्ति पाने का अधिकार है। इस अपराध से पीडित महिलाओं को क्षतिपूर्ति पाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराध में सूरज डूबने के बाद गिरफतार नहीं किया जा सकता है। किसी खास मामले में प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही यह संभव है। उन्होंने महिलाओं से जागरूक होकर अपने हितों की रक्षा के लिए पूर्ण अधिकार है।
इस अवसर पर अपर जिलाजज नरेन्द्र कुमार सिंह, न्यायिकारी नरेन्द्र सिंह, न्यायाधिक अश्वनी कुमार, एसडीएम वेदप्रिय आर्य, सीओ सुधांशु शेखर, तहसीलदार राकेश कुमार, वन स्टॉप सेंटर प्रभारी जागृति चतुर्वेदी, महिला कल्याण विभाग की समन्वयक पूजा, प्रो0 प्रतिभा सक्सेना, प्रो0 पूनम यादव, संचालक दयानंद श्रीवास्तव के अलावा आंगनबाडी, आशा के अलावा अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।

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