आशा किरण बची है इस धर्म की ध्वजा में

 आशा किरण बची है इस धर्म की ध्वजा में

सिकंदराराऊ


महाशिवरात्रि पर्व की पूर्व संध्या पर ब्रम्हाकुमारी केंद्र राधानगर के तत्वावधान में हिंदी प्रोत्साहन समिति  के सहयोग से  कवि सम्मेलन वरिष्ठ कवि श्री दिनेश कांत दोषी टूंडला की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।संचालन समिति के अध्यक्ष देवेन्द्र दीक्षित शूल ने किया।

 मुख्य अतिथि पंकज गुप्ता जिला कोषाध्यक्ष भाजपा का स्वागत केंद्र की संचालिका ब्रम्हाकुमारी नैना दीक्षित व ब्रह्माकुमार सुनील शर्मा द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि पंकज गुप्ता ने कहा कि ब्रम्हाकुमारियां समाज से कुरीतियां एवं व्यसनों को दूर करने में भारी योगदान कर रही हैं।

 वहीं विशिष्ट अतिथि हरपाल सिंह यादव समाजसेवी व बबलू सिसोदिया एवं कवि कवयित्रियों का सम्मान ब्रह्मा कुमार सुनील शर्मा एवं अरुण सिसोदिया व रजनी सिसोदिया ने किया ।

मथुरा से पधारी कवयित्री श्रीमती सुधा अरोरा ने सरस्वती वंदना के बाद पढ़ा- है सत्य जहां ,बाबा है वहां  ।

 है प्रेम जहां , बाबा है वहाँ ।

 जिरश्मी एटा के कवि कुशल कांत कुशवाहा ने मां बाप के संबंध में पढ़ा- जमीन पर रूप ईश्वर का मां बाप होते हैं ।

आगरा से पधारी कवयित्री श्रीमती मीना शर्मा ने पढ़ा - मांगा है दुआओं में, जपी दिन रात माला है।

 दुआएं इनकी ले लो जी जिन्होंने तुमको पाला है।

एटा से पधारे बीके सुभाष चौहान ने शिव बाबा के लिए पढ़ा- तन दीपक मन बाती लिए

 बाबा आया है सबके लिए

  प्रमोद विषधर ने पढ़ा- ओम का नाम ही सार का सार है

 विश्व का ओम ही सिर्फ आधार है 

 चमचा हाथरसी ने पढ़ा- शिव बाबा को जानो परमपिता पहचानो।

 प्रसिद्ध व्यंग्यकार देवेन्द्र दीक्षित शूल ने पढ़ा -सबसे बड़ी दफा रफा-दफा

 उन्होंने नैतिकता की बात इस तरह कही- धन कमा कर घर चलाना अच्छा काम है।

 पर दूसरों का दिल दुखा ना धन कमाइए।

अध्यक्षीय काव्य पाठ करते हुए टूंडला से पधारे वरिष्ठ कवि श्री दिनेश कांत दोषी ने पढ़ा - दूषित है आसमां में ,धरती में जल हवा में ,

आशा किरण बची है इस धर्म की ध्वजा में।

 इस अवसर पर विशिष्ट रूप से पूर्व सभासद पंडित चेतन शर्मा, सुनील शर्मा, लक्ष्मण स्वरूप शर्मा, मुन्नालाल अरुण प्रताप सिंह ,कांति देवी, राजकुमार ,चंचल गुप्ता आदि ब्रम्हाकुमारी व ब्रह्माकुमार रहे ।

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