एडीएचआर मानव अधिकार व मानव मूल्यों पर कार्य कर पूरे राष्ट्र में एकरूपता लाने के लिए प्रयासरत है:  प्रवीण वार्ष्णेय

 एडीएचआर मानव अधिकार व मानव मूल्यों पर कार्य कर पूरे राष्ट्र में एकरूपता लाने के लिए प्रयासरत है:  प्रवीण वार्ष्णेय



भोपाल। 

मौलिक अधिकारों को प्राप्त करने के लिए अपने नैतिक दायित्वों का निर्वहन करते रहिए। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स, मध्यप्रदेश इकाई द्वारा मानव अधिकार के संरक्षण व संवर्धन विषय पर कार्यशाला का आयोजन साधु वासवानी कालेज, भोपाल में किया गया। 

  मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त ज्वाइंट रजिस्ट्रार एनएचआरसी ने कहा कि जो हमारा मानव अधिकार है, वह किसी दूसरे के कर्तव्य से पूर्ण होता है। इसी प्रकार हमारे कर्तव्य करने से दूसरे को अधिकार प्राप्त होते हैं। इसलिए अधिकार व कर्तव्य एक दूसरे के पूरक हैं। संविधान सभी को जीने का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, समानता का अधिकार, गरिमा का अधिकार प्रदान करता है । जिससे मनुष्य सर्वश्रेष्ठ कार्य करता है। 

 एडीएचआर राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने कहा कि आज जो हमारे अधिकार हैं, वह आज किसी का कर्तव्य है। लेकिन कल जो किसी का अधिकार होगा ,वह हमारा कर्तव्य भी होगा। एडीएचआर मानव अधिकार व मानव मूल्यों पर कार्य कर पूरे राष्ट्र में एकरूपता लाने के लिए प्रयासरत है। 

 मध्यप्रदेश अध्यक्ष अतुल भारद्धाज कार्यक्रम की रूपरेखा रखते हुए बताया कि समाज में मानव अधिकारों के प्रति ज्यादा से ज्यादा जागरूकता आए व स्कूली बच्चों को मानव अधिकार के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा प्रशिक्षित करने के उद्देश्य कार्यक्रम को रखा गया है। 

 कार्यक्रम का शुभारंभ सभी अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर किया कॉलेज के स्टाफ द्वारा सभी अतिथियों को बुके देकर व शाल उडाकर कर सम्मान किया। 

 कार्यशाला की अध्यक्षता कालेज चेयरमैन दयाल डेटानी ने की । कालेज के प्रिंसिपल डा.ए.के.सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया। 

 कार्यशाला में वासदेव गुलानी, शैलेंद्र सांवलिया, डा. रवि वर्मा, एडवोकेट नीतू त्रिपाठी, गणेश विश्वकर्मा, रोशन लाल उत्वानी, राजेश कटियार सैकडों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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