हमने बांटी खुशी इतनी संसार में बांटते बांटते हर खुशी बंट गई

 हमने बांटी खुशी इतनी संसार में बांटते बांटते हर खुशी बंट गई

सिकंदराराऊ

स्व बाबूलाल माहेश्वरी की स्मृति में बाल भारत शिक्षा केंद्र में हिंदी प्रोत्साहन समिति के सहयोग से एक कवि सम्मेलन का आयोजन भद्रपाल सिंह चौहान की अध्यक्षता एवं देवेंद्र दीक्षित शूल के संचालन में संपन्न हुआ।

 

प्रसिद्ध प्राकृतिक चिकित्सक व समाजसेवी डॉ सच्चिदानंद , आयोजक पवन माहेश्वरी, समाजसेवी युवराज सिंह एड, सेक्रेटरी सिंह यादव, भाजपा नेता पंकज गुप्ता व समाजसेवी राजेन्द्र मोहन सक्सेना द्वारा मां सरस्वती एवं स्व बाबूलाल के चित्रों पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । 

शिवम आजाद की सरस्वती वंदना के बाद श्रीमती मृदुल वार्ष्णेय  ने हिंदी वंदना प्रस्तुत की । 

तत्पश्चात खैर से पधारे कवि भुवनेश चौहान चिंतन ने पढ़ा - यश कीर्ति मिले सम्मान मिले बस मां का गौरव गान मिले। जब भी हो जन्म धरा पर तो रहने को हिंदुस्तान मिले।

 वहीं एत्मादपुर  के कवि धर्मेंद्र शर्मा ने पढ़ा- फूल  सी बेटियां अब बड़ीं हो गईं ।

जां बतन पर लुटाने खड़ी हो गईं ।छछेना एटा के कवि सत्येंद्र निर्झर ने कहा'- कठिन रास्ते इस जीवन के सरल हो जाएंगे सारे 

बैठकर पास बाबुल के समय थोड़ा बताया कर ।

आगरा के युवा कवि मोहित सक्सेना ने देशभक्ति की रचनाओं से काफी समय तक समांबांधा व पूरा हाल तालियों से  गूंजता रहा।

 शिवम आजाद ने पढ़ा- 

मेरे देश की सरहदों का सिपाही उठा शीष दुश्मन से यह कह रहा है ।

तुम्हारे वतन में लहू बह रहा है हमारे लहू में वतन रहा है।

 देवेंद्र दीक्षित शूल ने पढ़ा-

जागते जागते जिंदगी घट गई,

 हमने बांटी खुशी इतनी संसार में बांटते बांटते हर खुशी बंट गई।

अंतर्राष्ट्रीय गीतकार डॉ विष्णु सक्सेना के गीतों को श्रोताओं ने झूम झूम कर सुना।

 प्रमोद विषधर ने कहा-

 दांतों में है जहर जीभ में ज्वाला है ।

मैं तो हूँ  विषधर  फुस्कार लगाऊंगा ।

ब्रम्हाकुमारी नैना दीक्षित ने संदेश दिया - युवाओं सोचो तुम कौन हो ,आए कहां से, कर्तव्य क्या तुम्हारे ।

कासगंज की युवा कवयित्री कु.आयुषी सक्सेना ने पढ़ा -

वह रुला भी सकती है वह नारी है सब कुछ कर सकती है ।

 भद्र पाल सिंह ने  दर्द यूँ व्यक्त किया -हम जानते हैं सब कुछ हम सबको है ज्ञात  ।

बिक रहे हैं गांव आज शहर वालों के हाथ ।

श्रीमती संगीता दीक्षित, कुमारी दिव्यांशु तोमर व चंद्रभान सिंह बघेल ने भी काव्य पाठ किया । 

कार्यक्रम के सह संयोजक आदित्य भाई एवं भानु प्रताप सक्सेना, दिलीप गुप्ता व विजय माहेश्वरी ने कवियों का सम्मान किया । वहीं कवयित्री  का सम्मान  डिंपल माहेश्वरी,शालिनी गर्ग , डाॅ क्षमा शर्मा आदि ने किया।

कार्यक्रम में मीरा माहेश्वरी,मुकुल गुप्ता सभासद, नंद नंदन जी , डॉ अरविंद ओम नवोदय, अवशेष विमल, नरेश प्रताप सिंह एड, राजेश बघेल एड , विशाल वार्ष्णेय, संजय सर,श्रीपाल सिंह,आयुष दरगढ़, मनीष गोदानी, गट्टू शर्मा आदि

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