आरक्षण व्यवस्था जाति आधारित नहीं बल्कि आर्थिक स्तर पर होनी चाहिए:   मित्रेश चतुर्वेदी

 आरक्षण व्यवस्था जाति आधारित नहीं बल्कि आर्थिक स्तर पर होनी चाहिए:   मित्रेश चतुर्वेदी

एटा में हुआ ब्राह्मण सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन

एटा


राष्ट्रीय विप्र एकता मंच द्वारा रविवार को शुक्ला गार्डन में ब्राह्मण सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया । जिसकी अध्यक्षता रामनरेश मिश्रा ने की एवं संचालन डॉ अरुण राजोरिया तथा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष अर्पित उपाध्याय ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाले विप्रजनों एवं मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। सभी अतिथियों का फूल माला , पटका पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंट करके भव्य स्वागत किया गया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित मित्रेश चतुर्वेदी एवं विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय प्रवक्ता विष्णुकांत दीक्षित, राष्ट्रीय संगठन प्रभारी विजयवर्ती पाठक, प्रदेश अध्यक्ष विकेंद्र उपाध्याय, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष मोहित उपाध्याय, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजीव चतुर्वेदी ने भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया। 

 मुख्य अतिथि  राष्ट्रीय विप्र एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष  पंडित मित्रेश चतुर्वेदी ने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों से समाज को नई ऊर्जा मिलती है तथा नकारात्मक शक्तियों का ह्रास होता है । उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान एवं कार्यक्रमों के अवसर पर सनातन संस्कृति एवं संस्कारों की शिक्षा भी नई पीढ़ी को दी जानी चाहिए। संस्कृति और संस्कारों से दूर-दूर तक उसका कोई वास्ता नहीं है।

  श्री चतुर्वेदी ने कहा कि यह महत्वपूर्ण समय है, अगर हिन्दू अभी नहीं जागे तो भविष्य में सनातन संस्कृति को बचाने के लिए सनातनियों को बड़ा संघर्ष करना पड़ेगा। ब्राह्मण ने हमेशा त्याग और बलिदान किया है। इसीलिए ब्राह्मण समाज को पूज्यनीय कहा गया है। कोई भी व्यक्ति पूज्यनीय यूं ही नहीं हो जाता, इसके लिए त्याग करना पड़ता है। जब-जब सनातन धर्म और राष्ट्र की रक्षा की बात आई, हमेशा ब्राह्मण अग्रिम पंक्ति में खड़ा दिखाई दिया है। सनातन धर्म के शत्रुओं के शीश काटे हैं तो अपने शीश कटाने से भी पीछे नहीं रहा। ब्राह्मण कभी अत्याचार व पाप के सामने नहीं झुका है और न झुकेगा। सभी ब्राह्मण बंधुओं को अपनी इस नैतिक जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा । तभी ब्राह्मण समाज में पूज्यनीय रहेगा। ब्राह्मणों के ऊपर सनातन धर्म के सभी वर्गों और अंगों को साथ लेकर राष्ट्र रक्षा की जिम्मेदारी है।उन्होंने जातिगत आरक्षण को राष्ट्र की प्रगति में बाधक बना बताते हुए कहा कि आरक्षण व्यवस्था जाति आधारित नहीं बल्कि आर्थिक स्तर पर होनी चाहिए। इससे जातिवाद समाप्त होगा और सभी वर्गों के गरीब और कमजोर लोगों को समान अवसर मिल सकेंगे। श्री चतुर्वेदी ने एससी एसटी एक्ट के आधार पर होने वाले उत्पीड़न का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पूरे देश में इस प्रकार के मामले सामने आते हैं। इसलिए इस एक्ट को न्याय संगत स्वरूप प्रदान किया जाना चाहिए। किसी पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए निर्दोष लोगों की बलि नहीं चढ़ाई जा सकती। यदि कोई झूठा आरोप लगाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान होना चाहिए। कश्मीरी पंडितों को भी उनकी सुरक्षा और अधिकार की गारंटी सुनिश्चित की जाए। सरकार बेहतर तरीके से कार्य कर रही है। लेकिन और अधिक प्रयास इस मामले में किए जाने की जरूरत है ।

 उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी संस्कारों से विमुक्त होती जा रही है,जबकि हमारे संस्कार भारतीय संस्कृति और सभ्यता का मूल तत्व हैं।इनके बिना सनातन संस्कृति की कल्पना करना व्यर्थ है। संस्कार और भारतीय संस्कृति के लगातार हो रहे ह्रास के लिए हम सभी लोग जिम्मेदार हैं। हम अपने बच्चों को अपनी सभ्यता और संस्कारों से परिचित कराना जरूरी नहीं समझते । 

श्री चतुर्वेदी ने कहा कि ब्राह्मणों को और शास्त्र के साथ शस्त्र विद्या में भी पारंगत होना पड़ेगा। कमजोर व्यक्ति का साथ कोई नहीं देता है । जब-जब राष्ट्र और धर्म पर आंच आई है। ब्राह्मण ने हमेशा शस्त्र हाथ में उठाए हैं । वर्तमान संविधान के आधार पर आप कोई उम्मीद नहीं कर सकते। ब्राह्मण समाज ने सदैव राष्ट्र को दिशा और दशा देने का कार्य किया है । ब्राह्मण सही अर्थों में राष्ट्र निर्माता है । ब्राह्मण समाज के युवकों को सदैव राष्ट्रहित में त्याग और तपस्या के लिए तैयार रहना चाहिए। 

इस अवसर पर विनय चतुर्वेदी, राष्ट्रीय सचिव तरुण चतुर्वेदी, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश चतुर्वेदी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी आर बी दुबे , मंडल उपाध्यक्ष राजकुमार पाराशर, जिला प्रभारी विवेक भारद्वाज, जिला अध्यक्ष सौरभ दत्त मिश्रा , युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष अर्पित उपाध्याय , अमर मिश्रा, आदर्श मिश्रा, सुशील तिवारी, डॉ मनोज मिश्रा, पीयूष कृष्ण दुबे, डॉ अरुण राजोरिया , दीपक शर्मा , चेतन मिश्रा, सौरभ भारद्वाज, अभिषेक शर्मा ,शिवम दुबे, भार्गव चतुर्वेदी , नरेश चतुर्वेदी, शरद शर्मा, रितिक पांडेय, अनंत चतुर्वेदी, उत्कर्ष पाठक, प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल शर्मा, आगरा जिला अध्यक्ष नीरज रावत, रामेश्वर दयाल पचौरी , भास्कर दत्त मिश्र , डॉ वी पचौरी , डॉ चिंतामणि वशिष्ठ, डॉ राहुल शुक्ला ,विजय मिश्रा ,रविश शर्मा  आदि मौजूद रहे ।

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