जनपद में औद्योगिक विकास को गति देने एवं उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय उद्योग बंधु समिति की बैठक करते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण सर्वाेच्च प्राथमिकता पर, समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि उद्योग बंधु समिति केवल एक औपचारिक मंच नहीं, बल्कि उद्यमियों और प्रशासन के बीच प्रभावी संवाद एवं समाधान का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उद्यमियों के प्रति सकारात्मक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने जनपद में प्रस्तावित एवं प्रगति पर चल रहे औद्योगिक निवेश की समीक्षा करते हुए कहा कि निवेश संबंधी प्रकरणों में अनावश्यक विलंब कतई स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने निर्देशित किया कि उद्यमियों द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्रों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर उनका निस्तारण किया जाए तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न औद्योगिक योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध कराए जाने वाले अनुदान एवं ऋण उद्यमियों को समय से उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए कहा कि अधिक से अधिक उद्यमियों को इनका लाभ दिलाया जाए, जिससे जनपद में रोजगार सृजन एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने नेशनल हाईवे 509 पर ग्राम महमूदपूर बरसे, सासनी हाथरस के खसरा न0 613 एवं 614 के फुटपाथ पर अवैध अतिक्रमण हटाने, वस्तु एवं सेवा कर कार्यालय हाथरस को केवल गढी में स्थापित करने के सम्बन्ध में, ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना किये जाने, औद्योगिक विद्युत उपभोक्ताओं के विद्युत बिलों में टी0ओ0डी0 की गलत गणना के सम्बन्ध में, के अलावा अन्य प्रकरणों पर विस्तारपूर्वक चर्चा के दौरान उपस्थित उद्यमियों की समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं संतोषजनक समाधान के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने दोहराया कि जनपद में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उपायुक्त उद्योग हाथरस ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लक्ष्य निर्धारित कर दिये गये है। जिसके तहत ओ0डी0ओ0पी0 योजना में 26 का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। 03 आवेदनों को कार्यवाही हेतु बैंक के लिये प्रेषित किया गया है। मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना में लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री युवा योजना में 1500 का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। 572 आवेदनों को कार्यवाही हेतु बैंक के लिये प्रेषित किया गया है। बैंक द्वारा 27 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान करते हुए 19 आवेदकों को ऋण उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि एकल मेज व्यवस्था/निवेश मित्र पोर्टल पर दिनांक 29.04.2026 तक विभिन्न विभागीय स्तर पर समय सीमार्न्तगत लंबित आवेदनों की संख्या कुल 69 तथा समय सीमा के उपरांत लम्बित प्रकरण की संख्या 06 है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्राप्त आवेदनों का निस्तारण समय सीमा के अंतर्गत सुनिश्चित किया जाये, इसमें किसी भी प्रकार कोई लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, उपायुक्त उद्योग, उपायुक्त जी0एस0टी0, मंडी सचिव, उद्यमी अशोक मेहता, प्रदीप गोयल, उद्योग बंधु आदि उपस्थित रहे।
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