उत्तर प्रदेश सरकार के नव निर्माण के नौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम हाथरस में हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमटेड (हडको) के नियमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के अंतर्गत दिव्यांगजनो हेतु निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण समारोह का आयोजन सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि की अध्यक्षता में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, विधायक सदर श्रीमती अंजुला सिंह माहौर, विधायक सिकंदराराऊ वीरेंद्र सिंह राणा, जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, जिलाधिकारी अतुल वत्स, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के छवि चित्र पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों व जिला स्तरीय अधिकारियों का स्वागत बुके एवं शॉल भेंटकर कर किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि के अंतर्गत लाभ ले रहे कृषकों को जनप्रतिनिधियों व जिला स्तरीय अधिकारियों ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं में जनपद एवं राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उत्साहवर्धन हेतु पुरस्कार का वितरण कर बधाई दी।
इसी क्रम में उन्होंने जनपद के 251 दिव्यांग लाभार्थियों को
विभिन्न प्रकार के 491 दिव्यांग उपकरण यथा ट्राई साइकिल, मोटराइज्ड ट्राईसाईकिल, बैसाखी, श्रवण यंत्र आदि का वितरण कर लाभान्वित किया तथा उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया। इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग, उद्यान विभाग, मत्स्य विभाग द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन कर संचालित विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी की।
सांसद ने अपने संबोधन में कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के सम्मान एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में दिव्यांगजनों को ‘विकलांग’ कहकर संबोधित किया जाता था, जिससे हीन भावना उत्पन्न होती थी, लेकिन प्रधानमंत्री जी द्वारा ‘दिव्यांग’ शब्द दिए जाने से समाज में सम्मान की भावना बढ़ी है और उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन भी हमारे समाज और परिवार के अभिन्न सदस्य हैं तथा उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में भारत सरकार एवं संबंधित विभागों द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनके जीवन को सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
सांसद ने बताया कि उनके प्रयास एवं जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के सहयोग से एक सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) के माध्यम से लगभग 64 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है, जिससे जनपद के दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए जा रहे हैं। इन उपकरणों के माध्यम से दिव्यांगजन अपने दैनिक जीवन में अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
उन्होंने जानकारी दी कि पूर्व में जनपद के प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय पर कैंप आयोजित कर दिव्यांगजनों का चिन्हीकरण किया गया, जिसमें 251 दिव्यांगजन चिन्हित किए गए। आज के कार्यक्रम में कुल 491 सहायक उपकरणों का वितरण किया जा रहा है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि शेष दिव्यांगजनों का भी चिन्हीकरण कर उनकी सूची तैयार की जाए, ताकि आगामी चरण में उन्हें भी योजना से लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में एक और विशेष शिविर आयोजित कर सभी छूटे हुए दिव्यांगजनों को चिन्हित करते हुए उन्हें आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
अंत में सांसद ने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ें और अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनें।
जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह ने कहा कि सरकार के आह्वान पर कंपनियों के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि वितरित किए जा रहे उपकरणों से दिव्यांगजन अधिक आत्मनिर्भर बनेंगे और समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकेंगे।
विधायक सिकंदराराऊ वीरेंद्र सिंह राणा ने कहा कि शासन द्वारा समय-समय पर दिव्यांगजनों के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन समाज के सम्मानित सदस्य हैं और उनका सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जो दिव्यांगजन अभी छूट गए हैं, उन्हें चिन्हित कर आगामी चरणों में योजना से जोड़ा जाएगा।
विधायक सदर अंजुला सिंह माहौर ने कहा कि वितरित उपकरण जैसे ट्राइसाइकिल, बैसाखी, वॉकर, श्रवण यंत्र आदि दिव्यांगजनों की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक होंगे और उनके दैनिक जीवन को सरल बनाएंगे। उन्होंने अपील की कि शेष पात्र व्यक्तियों तक भी इन सुविधाओं को पहुंचाया जाए।
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने मंच पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों का सम्मान उनके भीतर निहित क्षमताओं को उजागर करने का माध्यम है तथा उनका संघर्ष समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी भी दिव्यांगजन को जिला प्रशासन की आवश्यकता महसूस हो, तो वे निःसंकोच संपर्क करें, प्रशासन हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि आज के कार्यक्रम से वंचित रह गए दिव्यांगजनों को चिन्हित कर आगामी चरणों में उन्हें भी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।
उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संबंधित संस्था, कंपनी के अधिकारियों एवं पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान सांसद प्रतिनिधि, जिलाध्यक्ष अपना दल, एलएमको की अधिकारी, कर्मचारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
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