संसद की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई दिशा की बैठक

 केन्द्र व राज्य सरकार की लोक कल्याणकारी, रोजगारपरक एवं गरीबी उन्मूलन योजनाओं का लाभ जनपद के पात्र एवं जरूरतमंद लोगों तक पहुॅचाने के निर्देश 


हाथरस । 

जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक कलेक्ट्रेट सभागर में करते हुए  सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि ने बैठक में दिये गये निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन किये जाने एवं योजनाओं को मूर्त रूप देने के हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। 

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं हेतु निर्धारित लक्ष्य, प्रगति व यथास्थिति के अलावा जनप्रतिनिधिगणों द्वारा उठाई गई समस्याओं , शिकायतों पर विस्तारपूर्वक चर्चा के उपरांत सांसद ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि  जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जनसामान्य की प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

 उन्होंने मनरेगा के अंतर्गत कराए जाने वाले कार्यों के संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों को चिन्हित किए जाने से पूर्व संबंधित माननीय जनप्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श कर प्रस्ताव तैयार किए जाएं तथा उन्हें संज्ञान में लाया जाए। साथ ही कार्य पूर्ण होने के उपरांत शिलापट्टिका स्थापित कर उसमें मा0 जनप्रतिनिधियों का नाम अंकित किया जाए। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के अंतर्गत चिन्हित युवाओं की विधानसभावार सूची तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे अधिक से अधिक पात्र युवाओं को योजना का लाभ मिल सके तथा उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।  सांसद ने सड़कों के निर्माण में नई तकनीकों का उपयोग करते हुए गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार जरूरतमंद लोगों को सरकार की योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाती है, इसलिए पंचायत भवनों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बैठने का समय निर्धारित किया जाए तथा पात्र एवं छूटे हुए लाभार्थियों के ऑनलाइन आवेदन कराए जाएं, जिससे सभी जरूरतमंद लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों के अभिलेखों में पाई जा रही त्रुटियों को शीघ्र ठीक कराते हुए पात्र किसानों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही जल जीवन मिशन के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन कार्यों के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज एवं बस स्टैंड के निर्माण हेतु भूमि संबंधी प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए, ताकि इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारा जा सके। इसके अतिरिक्त उन्होंने आगरा-अलीगढ़ हाईवे के किनारे अवैध रूप से बसाई जा रही कॉलोनियों एवं वहां से हाईवे पर अवैध लिंक मार्ग दिए जाने के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए, क्योंकि इससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ रही है।  सांसद ने प्रभागीय वनाधिकारी को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए सड़कों के किनारे झुके हुए अथवा दुर्घटना की संभावना उत्पन्न करने वाले पेड़ों को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए, जिससे संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के दौरान  सांसद ने महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना/जी-राम जी, दीन दयाल अन्त्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, दीन दयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, सांसद आदर्श ग्राम योजना, संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, ग्रामीण स्वरोजगार प्रषिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, परम्परागत कृषि विकास योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी योजना, पीएम-किसान, प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान-पीएम-कुसुम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-पीडीएमसी, कृषि अवसंरचना निधि योजना, ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम), ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत प्रौद्योगिकी के साथ गांवों की आबादी का सर्वेक्षण और मानचित्रण (स्वामित्व) डिजिटल इंडिया-सार्वजनिक इंटरनेट एक्सेस कार्यक्रम-प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामान्य सेवा केंद्र, डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम, भारत नेट का उपयोग, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, ग्राम पंचायत विकास योजना, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण 1.0, स्वच्छ भारत मिशन- ग्रामीण 2.0, पंद्रहवे वित्त आयोग, अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन 2.0 (अमृत 2.0), प्रधानमंत्री आवास योजना (सभी के लिए आवास-शहरी), पीएम स्ट्रीट वेडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि), स्वच्छ भारत मिशन-शहरी, जल जीवन मिशन, राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान योजना, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम, एकीकृत बाल विकास योजना,  प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0, बाल संरक्षण एवं सुरक्षा योजना, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओं, महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षण-वन स्टॉप सेंटर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मुलन मिशन, प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना, मध्याहन भोजन योजना, (पीएम पोषण) समग्र शिक्षा, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना 2.0, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का कार्यान्वयन, राजमार्ग जैसे बुनियादी ढ़ांचे से संबंधित कार्यक्रमः परिवहन, सारथी/वाहन, प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना, विशिष्ट विकलांगता आईडी, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, एक जिला एक उत्पाद, खेलो इंडिया, प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, ई-श्रम पोर्टल, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, सुकन्या समृद्धि खाता, मूल्य ई निगरानी एवं राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम तथा विभागांे द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रगति रिपोर्ट पर विस्तृत समीक्षा कर भारत सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी, गरीबी उन्मूलन व रोजगारपरक योजनाओं का लाभ किसानों, मजदूरों तथा जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिये सभी विभागीय अधिकारियों से स्पष्ट अपेक्षा की। सांसद ने समस्त विभागों को केंद्र/राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं एवं उनकी प्रगति से अवगत कराने के निर्देश दिए। 

बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न विभागों से संबंधित जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि मनरेगा के अंतर्गत कराए जाने वाले कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा कार्यों को चिन्हित किए जाने से पूर्व उन्हें संज्ञान में लाया जाए, जिससे क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सके। उन्होंने ग्राम प्रधानों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार कराए जाने पर भी बल दिया, जिसमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित पात्र व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। ग्रीष्म ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए जनप्रतिनिधियों ने हैंडपंपों की समय से मरम्मत एवं आवश्यकतानुसार रिबोर कराए जाने की मांग रखी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या उत्पन्न न हो। इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ अधिक से अधिक कृषकों तक पहुंचाने के लिए किसानों को जागरूक करने हेतु कार्यशालाओं का आयोजन कराए जाने पर बल दिया। सादाबाद मंडी का विषय उठाते हुए अवगत कराया गया कि वहां कुछ अवैध दुकानदारों द्वारा कई वर्षों से कब्जा किया हुआ है तथा उनके द्वारा कोई शुल्क भी जमा नहीं किया जा रहा है, जिस पर आवश्यक कार्यवाही किए जाए। पेयजल योजना के अंतर्गत पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत शीघ्र कराए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। साथ ही आगरादृअलीगढ़ नेशनल हाईवे के किनारे विकसित की जा रही कॉलोनियों द्वारा बिना अनुमति के हाईवे से मार्ग जोड़े जाने के संबंध में अब तक की गई कार्यवाही के बारे में अवगत कराने को कहा। जिस पर माननीय सांसद जी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को समस्याओं का समाधान कराए जाने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान बैठक के अंत में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विधायकगण, सदस्य गण, जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं के संबंध में विभागीय अधिकारियों को समस्याओं का निस्तारण करने एवं जनप्रतिनिधियों को सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को प्रदेश व शासन की प्राथमिकताओं में शामिलित योजनाओं सहित जन कल्याणकारी योजनाओं, गरीबी उन्मूलन, रोजगारपरक योजनाओं एवं विभागीय कार्यो को गुणवत्ता सहित समय से पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान जो भी निर्देश दिये गये है उन सभी निर्देशों का पालन कराया जायेगा। 

बैठक के दौरान  जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सीमा उपाध्याय,  विधायिका सदर श्रीमती अंजुला सिंह माहौर,  विधायक सिकंदराराऊ वीरेन्द्र सिंह राणा,  विधायक सादाबाद प्रदीप कुमार, ब्लॉक प्रमुख मुरसान रामेश्वर उपाध्याय, ब्लॉक प्रमुख हाथरस पूनम पाण्डेय,  जनप्रतिनिधि प्रीति चौधरी, ब्लॉक प्रमुख हसायन, सदस्यगण, मुख्य विकास अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग/सिंचाई/विद्युत, जिला सूचना अधिकारी, समस्त जिला स्तरीय अधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, पी0डी0 एनएचएआई आदि मौजूद रहे।



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