जिला महिला चिकित्सालय, हाथरस में 17 जनवरी 2026 तक संचालित “आयरन सुक्रोज सप्ताह” कार्यक्रम का जिलाधिकारी अतुल वत्स ने फीता काटकर शुभारंभ किया और कहा कि इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं एवं प्रसूताओं में एनीमिया की रोकथाम एवं उपचार सुनिश्चित करना है।
इस दौरान जिलाधिकारी ने वार्ड में भर्ती एनीमिया से ग्रसित महिलाओं से संवाद किया तथा उन्हें आयरन सुक्रोज उपचार की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि आयरन की कमी से पीड़ित महिलाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने महिला चिकित्सक व एएनएम से वार्ता कर एनीमिया से ग्रसित महिलाओं को चिन्हित करने एवं उनके खून की जाँच कराने के साथ ही उन्हें आयरन बढ़ाने हेतु खाद्य सामग्री के बारे में भी जागरूक करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने एसएनसीयू कक्ष का भी अवलोकन किया, जहाँ भर्ती नवजात शिशुओं की देखभाल हेतु की गई व्यवस्थाओं के बारें में जानकारी कर उन्होंने नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। एनीमिया मुक्त माताएँ ही स्वस्थ शिशुओं को जन्म दे सकती हैं, इसलिए इस अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इस अभियान से लाभान्वित किया जाए।
भ्रमण के दौरान अस्पताल परिसर में स्थित जर्जर एवं निष्प्रोज्य भवनों का अवलोकन करते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें ध्वस्त किए जाने हेतु कार्य योजना तैयार कर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके एवं परिसर का समुचित विकास किया जा सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी आदि उपस्थित रहे।
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