सावन मास में भगवान शिव को जलाभिषेक करने का विशेष महत्व
श्रावण मास के चौथे सोमवार को शिवालयों में शिवभक्तों की भारी भीड़ रही। भक्तों ने पवित्र गंगाजल से अपने आराध्य भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया।
श्रावण मास के चौथे सोमवार को नगर के सभी शिवालय में भक्तों की भारी भीड़ रही। गौरीशंकर हिंदू इंटर कॉलेज स्थित शिवालय, जागेश्वर महादेव, नर्मदेश्वर महादेव, हर हर महादेव, भूतेश्वर महादेव , बनखंडी महादेव आदि मंदिरों पर जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की लंबी लाइन लगी रही। पूजा अर्चना के उपरांत शिव स्त्रोत पढ़ते हुए भक्तों ने जलाभिषेक किया।
सावन के महीने में गंगा जल, दूध, दही, शहद भूरा गन्ने के रस और भांग धतूरे से भगवान शिव की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि सावन मास में भगवान शिव को जलाभिषेक करने का विशेष महत्व है। भगवान शिव का जलाभिषेक करनेवाले श्रद्धालुओं की मन की मुराद पूरी होती है।


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