अज्ञात शवों के धार्मिक रीति-रिवाज से दाह संस्कार के लिए भी कार्य कर रही है एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स संस्था

 अज्ञात शवों के धार्मिक रीति-रिवाज से दाह संस्कार के लिए भी कार्य कर रही है एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स संस्था

हाथरस

व्यक्ति के मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य कर रही एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स संस्था अज्ञात शवों के धार्मिक रीति-रिवाज से दाह संस्कार के लिए भी कार्य कर रही है। बुधवार को अज्ञात शव का दाह संस्कार एडीएचआर की देखरेख और समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में किया गया ।जिसके दाह संस्कार की व्यवस्था मे एडीएचआर जिला उपाध्यक्ष मदन गोपाल वार्ष्णेय का पूर्णरूपेण सहयोग रहा। 

  28 जनवरी को सिकंदराराऊ रेलवे लाइन पर फाटक के पास एक 55 वर्षीय व्यक्ति का शव मिला। जिसने सफेद कुर्ता पायजामा,काली हाफ सदरी ,सिलेटी मोजे, जूती,चश्मा ब्राउन पहन रखा था और उसके पास कासगंज से सिकंदराराऊ का टिकट मिला।पुलिस द्वारा शव को शिनाख्त के लिए 72 घंटे रखा । शव की शिनाख्त न होने के कारण शव को थाना पुलिस द्वारा लावारिस घोषित कर पोस्टमार्टम कराया गया। उसके उपरांत पुलिस  द्वारा समाजसेवी सुनीत आर्य व प्रवीन वार्ष्णेय से शव के अंतिम संस्कार के लिए अनुरोध किया गया। समाजसेवियों द्वारा शव का धार्मिक रीति रिवाज से अंतिम संस्कार पत्थर वाली स्थित श्मशान घाट पर किया गया। 

 अंतिम संस्कार सुनील अग्रवाल अध्यक्ष निस्वार्थ सेवा संस्थान ,प्रवीन वार्ष्णेय राष्ट्रीय महासचिव एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स, समाजसेवी सुनीत आर्या,एडीएच आर जिला उपाध्यक्ष मदन गोपाल वार्ष्णेय, आयोग दीपक, सुरजीत कुमार काली , बंटी भाई कपड़े वाले, टेकपाल कुशवाहा, अंकित अग्रवाल, नंद किशोर नन्दू, अंकित अग्रवाल, जीआरपी कासगंज एचसी सुधीर कुमार, नरवीर सिंह मौजूद रहे।

Post a Comment

और नया पुराने
Post ADS 2