अधिकारियों के अमले के साथ गांव बसई पहुंचे एडीएम, किसानों की खुली बैठक में सुनीं चकबंदी से संबंधित शिकायतें, कार्रवाई का दिया आश्वासन
सिकंदराराऊकोतवाली क्षेत्र के गांव बसई बावस में चकबंदी के प्रकरण को लेकर एडीएम, एसडीएम तथा सीओ एवं चकबंदी अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर खुली बैठक के दौरान किसानों की शिकायतें सुनीं। दिनभर गांव में गहमागहमी का माहौल रहा शिकायतें सुनने के बाद एडीएम ने किसानों को समस्या के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम बसंत लाल, एसडीएम वेद सिंह चौहान , सीओ ब्रह्म सिंह एवं चकबंदी विभाग के अधिकारी शुक्रवार की सुबह ही गांव बसई गांव में पहुंच गए और किसानों की खुली बैठक बुलाई गई। इस दौरान बड़ी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा । बैठक के दौरान कई बार किसानों द्वारा हंगामा भी किया गया। बता दें कि भारतीय किसान यूनियन भानू के जिला सोशल मीडिया अधिकारी संजय कुमार जाटव के नेतृत्व में जिला अधिकारी को 1 दिन पूर्व ज्ञापन देकर किसानों ने पुरानी चकबंदी प्रक्रिया को निरस्त करके पुनः चकबंदी न कराए जाने पर 1 नवंबर से भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी।जिलाधिकारी के निर्देशन में अपर जिला अधिकारी व बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी व उप जिलाधिकारी व चकबंदी अधिकारी व सहायक चकबंदी अधिकारी व समस्त चकबंदी का स्टाप व कोतवाली पुलिस की उपस्थिति में शुक्रवार की सुबह 9 बजे से समस्त किसानों की समस्याएं सुनी गई और शिकायती प्रार्थना पत्र कृषकों द्वारा दिए गए तथा सामूहिक कृषकों के द्वारा लगभग 500 कृषकों के द्वारा हस्ताक्षर कर चकबंदी प्रक्रिया का विरोध प्रदर्शन करते हुए तत्काल प्रभाव से पूर्व एसीओ के द्वारा की गई चकबंदी प्रक्रिया पर्चा नम्बर 23 व पर्चा नम्बर 5 को निरस्त कराकर पुनः सभी 2723 गाटों की प्रत्येक मेड पर जाकर मालियत लगवाकर तथा पुनः चक निर्माण कार्य ग्राम पंचायत बसई बावस की चकबंदी कमेटी की अध्यक्ष श्रीमती हेमलता ग्राम प्रधान व समस्त कृषकों की रुखबंदी के आधार पर नए सिरे से चकबंदी प्रक्रिया को कराने की मांग गई है । यदि ऐसा जिला अधिकारी गरीब किसानों की समस्या को गंभीरता पूर्वक संज्ञान नहीं लेते हैं। तो समस्त किसान जिलाधिकारी के कार्यालय पर दिनांक 1/11/2022 से भूख हड़ताल और अनिश्चित कालीन हड़ताल धरना प्रदर्शन करेंगे तथा समस्त किसानों की खाने पीने को व्यवस्था भी जिला प्रशासन की होगी। यदि भूख हड़ताल के कारण किसी कृषक के साथ जिला अधिकारी के कार्यालय पर कोई हादसा भी होता है तो उसके लिए जिम्मेदार जिला प्रशासन होगा। यदि जिला प्रशासन द्वारा सुनवाई नहीं की जाती है तो समस्त किसान हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दायर करने को बाध्य होंगे ।
अंत में अपर जिलाधिकारी बसंत लाल ने किसानों को आश्वासन दिया कि नियमानुसार न्याय संगत तरीके से आवश्यक कार्रवाई इस प्रकरण में की जाएगी। किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन के जिला सोशल मीडिया प्रभारी संजय कुमार जाटव , ग्राम प्रधान हेमलता एवं सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे

एक टिप्पणी भेजें