भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैप न हो पाए मतदाताओं द्वारा प्रस्तुत आपत्तियों के निस्तारण हेतु जारी नोटिसों की सुनवाई प्रक्रिया का जायजा लेने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी अतुल वत्स द्वारा नामित (एईआरओ) जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालयों में औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा कार्यालयों में चल रही सुनवाई की प्रक्रिया, प्राप्त आवेदनों की स्थिति, जारी नोटिसों की संख्या, मतदाताओं की उपस्थिति तथा निस्तारण की प्रगति जानकारी की गई। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अवगत कराया कि कुल 6 मतदान बूथ सम्मिलित हैं, जिनके सापेक्ष कुल 1727 मतदाताओं को आपत्तियों के निस्तारण हेतु नोटिस निर्गत किए गए हैं। संबंधित मतदाताओं को निर्धारित तिथि एवं समय पर कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी समस्या के समाधान हेतु सूचित किया गया है। इसी क्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा भी अवगत कराया कि कुल 10 मतदान बूथ सम्मिलित हैं, जिनके सापेक्ष कुल 1600 मतदाताओं को आपत्तियों के निस्तारण हेतु नोटिस निर्गत किए गए हैं। नामित बूथों से संबंधित मतदाताओं की सुनवाई भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार की जा रही है। आवेदकों द्वारा प्रस्तुत प्रपत्रों एवं अभिलेखों का सावधानीपूर्वक मिलान करते हुए विधिक एवं नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। मतदाताओं द्वारा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने पर उनकी आपत्तियों का तत्काल एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जा रहा है।
जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में उपस्थित मतदाताओं से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं के निस्तारण हेतु चल रही सुनवाई का स्वयं निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आपत्तियों के निस्तारण के संबंध में सर्वप्रथम वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर संबंधित मतदाता की मैपिंग किए जाने का प्रयास किया जाए। यदि उक्त सूची के आधार पर मतदाता की मैपिंग हो जाती है, तो ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे आम मतदाताओं को अनावश्यक असुविधा से बचाया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष एवं भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुरूप किया जाए तथा किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से वंचित न रहने पाए।
निरीक्षण के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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