विकास खण्ड मुरसान के ग्राम पंचायत गौजिया में संचालित माधव अस्थाई गौशाला का जिलाधिकारी अतुल वत्स ने औचक निरीक्षण कर यथा स्थिति का जायजा लिया और नियमित रूप से साफ-सफाई कराने के साथ ही आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्थाई गौशाला में संरक्षित गौवंश के लिए पीने के पानी, टीनशेड, खाने के लिए हरा चारा एवं भूसे आदि की व्यवस्था के बारे में जानकारी के साथ ही केयर टेकर उपस्थिति पंजिका, स्टॉक पंजिका, उपस्थिति पंजिका, पशु चिकित्सक विजिट पंजिका आदि का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि टीन शेडों में गोबर पड़ा हुआ था तथा साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं थी। इस पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के साथ ही गौवंश को ठंड से बचाव हेतु अलाव की व्यवस्था एवं हवा से बचाव के लिए समुचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने गौशाला में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ रखने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को जनपद में संचालित स्थाई/अस्थाई गौशालाओं में संरक्षित गौवंश का नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण/टीकाकरण एवं शत प्रतिशत ईयर टैगिंग कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक निरीक्षण के समय भ्रमण पंजिका में अनिवार्य रूप से हस्ताक्षर करें, जिससे यह स्पष्ट रूप से ज्ञात हो सके कि किस अधिकारी द्वारा कब-कब निरीक्षण किया गया है।
गौ-शाला में संरक्षित किये गये गौ-वंश एवं की गई व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी करने पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने अवगत कराया कि गौशाला में 290 निराश्रित गौवंश मौजूद हैं। जिसमें से 96 नर तथा 194 मादा गौवंश हैं। जिनकी देखरेख हेतु 5 केयर टेकर तैनात हैं। 3 टीन शेड, चारा खाने हेतु 3 चरही, 1 पानी पीने के हॉज, 2 समरसेबिल संचालित हैं। 150 कुन्तल भूसा उपलब्ध है। गौशाला में लगभग 22 बीघा जमीन है। जिसमें से लगभग 7 बीघे में गौ-शाला है तथा हरे चारे हेतु लगभग 5 बीघे में नैपियर घास व लगभग 10 बीघे में जौ बोया हुआ है। उन्होने अवगत कराया कि गौ-शाला में 1 टीन शेड व चारो ओर बाउंड्री करये जाने कि आवश्यकता है।
गौशाला में उद्यमियों एवं व्यापारियों द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी अतुल वत्स ने विधिवत तिलक लगाकर गो-पूजन किया तथा गौ माता को हरा चारा एवं गुड़ खिलाया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित उद्यमियों, व्यापारियों एवं जनसमूह को गौ माता के संरक्षण, सम्मान एवं संवर्धन हेतु संकल्प दिलाया तथा गौशालाओं में स्वच्छता, समुचित देखभाल एवं व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने भावनात्मक रूप से अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि गौवंश के संरक्षण हेतु सामूहिक संवेदनशीलता और आत्मविश्वास के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने उद्यमियों एवं समाज के सक्षम वर्ग से इस पुण्य कार्य में सहयोग करने की अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि गौसेवा निस्वार्थ भावना से की जानी चाहिए तथा परिवारों को अपने निजी आयोजनों जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ आदि अवसरों पर युवाओं को गौशालाओं से जोड़ना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत एवं गौ संरक्षण के महत्व को समझ सके।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, सहायक खंड विकास अधिकारी, पशु चिकित्सक, पशुधन प्रसार अधिकारी, ग्राम प्रधान सहित उद्यमी, व्यापारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक आदि उपस्थित रहे।
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