मंदिर बगिया बारहसैनी में दिव्या ज्योति जागृती संस्थान द्वारा आयोजित श्री हरि कथा के प्रथम दिवस पर साध्वी सुशीला भारती ने कथा प्रसंग के माध्यम से संगत को समझाया और कहा कि भगवान गणेश जो कि हिंदू संस्कृति के सभी देवी देवताओं में अग्र देव हैं। उनको कष्टहरणहारी भी कहा जाता है क्योंकि वह सभी संकटों को हरने वाले हैं।
उन्होंने बताया कि भगवान गणेश की चार भुजाएं हैं जिनमें उन्होंने कुछ न कुछ पकड़ा है । हमें बहुत कुछ संदेश देते हैं। जैसे उन्होंने पहले हाथ में अंकुश पकड़ा है, जो इशारा करता है कि अपने मन पर अंकुश रखेंगे तो भगवान तक पहुंच पाएंगे नहीं तो मन माया में ही फंसा रहेगा। दूसरे हाथ में पुस्तक पकड़ी है जो समझा रही है कि हमेशा स्वाध्याय करते रहो कि जिस कार्य हेतु मानव जीवन पाया है क्या वह विशेष कार्य कर पाए। वहीं तीसरे हाथ में कोटक पकड़ा है जिससे समझ आता है हमेशा अपनी वाणी में मिठास रखो और चौथे हाथ में गणेश जी के आशीर्वाद की मुद्रा पड़ी हुई है जो समझ रही है यदि आप अंकुश पुस्तक मोदक के रहस्य को समझ कर जीवन में चला करते तो मेरा आशीर्वाद सदा आपके साथ रहेगा।
इस मौके पर साध्वी केदिन भारती, गौरव तोमर, राजकुमार वर्मा ,राजेंद्र वार्ष्णेय ,भूपेश कुमार, चिंकी वार्ष्णेय, पूनम वार्ष्णेय आदि मौजूद थे।
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